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सब्जी मंडियों में पहुंचा मैरीपोजा प्लम
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कुल्लू/खराहल। मैरीपोजा प्लम सब्जी मंडियों में पहुंच गया है। बंदरोल सब्जी मंडी में शुक्रवार को मैरीपोजा प्लम काफी मात्रा में पहुंचा। इसके उम्दा दाम मिलने से बागवान गदगद हैं।
सुपर क्लास के मैरीपोजा प्लम की 60 रुपये तक बोली लगी। अभी मैरीपोजा की खेप कम पहुंच रही है। कुछ दिनों में इस प्लम का सीजन जोरों पर होगा। गत वर्ष की तुलना में इस बार मैरीपोजा की फसल अधिक है। ऐसे में पिछले वर्ष के बराबर रेट बागवानों को नहीं मिल रहे हैं। पिछले साल मैैैरीपोजा 75 रुपये किलो बिका था। घाटी के बागवान अमित, चमन, राजेश, राजू, पीयूष, सुनील, कर्मचंद, राजेश तथा सुरेश आदि का कहना है कि घाटी में प्लम की फसल तैयार हो गई है। बंदरोल सब्जी मंडी में शुक्रवार को उम्दा किस्म का मैरीपोजा 60 रुपये तक बिका। इस बार फसल अच्छी है। लेकिन बागवानों की मानें तो इस साल ओलावृष्टि और अंधड़ ने उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में तो मैरीपोजा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही सेब, नाशपाती और टमाटर भी बरबाद किए हैं। इसके बाद अब प्लम का रेट अच्छा मिलने से बागवान गदगद हैं। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान प्रेम शर्मा ने कहा कि बागवान मंडियों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। ऐसे में अब प्लम के साथ नाशपाती भी पहुंचनी शुरू हो गई। कच्ची नाशपाती भेजने से कीमतों में एकाएक गिरावट आ जाती है। ऐसे में बागवानों को चरणबद्ध तरीके से नाशपाती को मंडियों में भेजना चाहिए। इससे दामों में स्थिरता बनी रहेगी और कीमत भी उम्दा मिलेगी। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार को मैरीपोजा प्लम 60 रुपये प्रति किलो बिका है। सुपर क्लास की नाशपाती को 65 रुपये प्रति किलोे का भाव मिला है।
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सुपर क्लास के मैरीपोजा प्लम की 60 रुपये तक बोली लगी। अभी मैरीपोजा की खेप कम पहुंच रही है। कुछ दिनों में इस प्लम का सीजन जोरों पर होगा। गत वर्ष की तुलना में इस बार मैरीपोजा की फसल अधिक है। ऐसे में पिछले वर्ष के बराबर रेट बागवानों को नहीं मिल रहे हैं। पिछले साल मैैैरीपोजा 75 रुपये किलो बिका था। घाटी के बागवान अमित, चमन, राजेश, राजू, पीयूष, सुनील, कर्मचंद, राजेश तथा सुरेश आदि का कहना है कि घाटी में प्लम की फसल तैयार हो गई है। बंदरोल सब्जी मंडी में शुक्रवार को उम्दा किस्म का मैरीपोजा 60 रुपये तक बिका। इस बार फसल अच्छी है। लेकिन बागवानों की मानें तो इस साल ओलावृष्टि और अंधड़ ने उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में तो मैरीपोजा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही सेब, नाशपाती और टमाटर भी बरबाद किए हैं। इसके बाद अब प्लम का रेट अच्छा मिलने से बागवान गदगद हैं। फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान प्रेम शर्मा ने कहा कि बागवान मंडियों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। ऐसे में अब प्लम के साथ नाशपाती भी पहुंचनी शुरू हो गई। कच्ची नाशपाती भेजने से कीमतों में एकाएक गिरावट आ जाती है। ऐसे में बागवानों को चरणबद्ध तरीके से नाशपाती को मंडियों में भेजना चाहिए। इससे दामों में स्थिरता बनी रहेगी और कीमत भी उम्दा मिलेगी। बंदरोल सब्जी मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार को मैरीपोजा प्लम 60 रुपये प्रति किलो बिका है। सुपर क्लास की नाशपाती को 65 रुपये प्रति किलोे का भाव मिला है।
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