न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की सैंज घाटी में किसानों पर बादल कहर बन बरसे हैं। घाटी में शुक्रवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई। इसके चलते घाटी के किसानों की मक्की, टमाटर और गोभी की फसलें तबाह हुई हैं।
न्यूली-शैंशर सड़क पर निकास नालियां न होने के कारण बारिश का पानी खेतों में घुस गया। इससे बजाहरा से तलयारा तक करीब सात किलोमीटर के दायरे में मलबे के साथ पानी खेतों में बहता रहा। इसके अलावा घाटी के कई पैदल रास्ते दोबारा भूस्खलन से बंद हो गए हैं। तेज बारिश से ग्राम पंचायत गाड़ापारली में अधिक नुकसान हुआ है। निहारनी से मरोड़ को जोड़ने वाला पैदल रास्ता जगह-जगह टूट गया है। ग्रामीण डोले राम, मेहर सिंह, नूपराम, खेमराज, खूबराम, निमत राम, आलम चंद पलसरा, कृष्ण चंद ने कहा कि सैंज घाटी में बारिश किसानों पर कहर बरपा रही है। सड़क का पानी खेतों में मलबे के साथ बहने से मक्की, टमाटर, गोभी के अलावा अन्य सब्जियां खराब हो गई हैं। फसलों के अलावा ग्राम पंचायत गाड़ापारली और देहुरीधार के अधिकतर पैदल रास्तें अवरुद्ध हुए हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहहले हाल ही में हुई लगातार बारिश से भी दोनों पंचायतों में फसलों और रास्तों को भारी नुकसान हुआ था। उधर, इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि न्यूली-शैंशर सड़क पर जल्द पक्की निकास नालियों का निर्माण किया जाएगा। कहा कि बारिश के कारण जहां-जहां सड़क खराब हुई है। उन स्थानों को दुरुस्त करने के कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।