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दो माह से जमा नहीं कर पाए लोन की किस्तें
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में दो महीने से रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग बंद होने का असर समर सीजन पर पड़ना शुरू हो गया है। राफ्ट व पैराग्लाइडर संचालकों की भी परेशानी बढ़ गई है।
कुल्लू जिले में करीब एक हजार राफ्टर व पैराग्लाइडिंग हैं। इसमें करीब दस हजार से अधिक लोगों का सीधे तौर पर रोजगार जुड़ा है। साहसिक गतिविधियों के संचालन के लिए 40 फीसदी लोगों ने लाखों रुपये का लोन बैंकों से लिया है, लेकिन अब इसे चुकाना मुश्किल हो गया है। वे दो माह से साहसिक गतिविधियों के बंद होने से लोन की किस्तों को नहीं चुका पा रहे हैं। अब उन्हें बैंकों की किस्तों को चुकाने की चिंता सताने लगी है। पैराग्लाइडरों व रिवर राफ्टरों पर पड़ी दोहरी माह को लेकर उनकी राय जाना है।
500 राफ्ट नदी के किनारे खड़ी
कुल्लू वैली रिवर राफ्टिंग ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम चंद अत्री ने कहा कि दो माह से करीब 500 राफ्ट नदी के किनारे खड़ी हैं। कई राफ्टों ने बैंकों से लाखों रुपये का ऋण लिया है, जो अब भरना मुश्किल हो रहा है। हजारों लोगों को रोजगार भी छिन गया है।
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दो माह से काम नहीं चलने से मुश्किल
मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल ने कहा कि कई पैराग्लाडिंग ऑपरेटरों ने रोजगार चलाने के लिए चार से दस लाख रुपये तक बैंक लोन लिया है। दो माह से काम नहीं चलने से लोन की किस्तें जमा नहीं हो पाई है। इससे परेशानी हो रही है।
परिवार का गुजारा करना मुश्किल
राफ्ट संचालक हीरा लाल ठाकुर ने कहा कि साहसिक गतिविधियों से जिला में दस हजार से भी अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार जुड़ा है। मनाली से लेकर झीड़ी तक साइटों से सैलानी मायूस होकर लौट रहे हैं। राफ्ट संचालकों को परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
पर्यटकों पर भी पड़ रहा असर
ठाकुर चंद ने कहा कि साहसिक गतिविधियां बंद होने से कई राफ्ट संचालक बैंकों से लिए लाखों के लोन की किस्तों को नहीं भर पा रहे हैं। बैंक की तरफ से किस्तों को जमा करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है। इसका असर घूमने आ रहे पर्यटकों पर भी पड़ रहा है।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में दो महीने से रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग बंद होने का असर समर सीजन पर पड़ना शुरू हो गया है। राफ्ट व पैराग्लाइडर संचालकों की भी परेशानी बढ़ गई है।
कुल्लू जिले में करीब एक हजार राफ्टर व पैराग्लाइडिंग हैं। इसमें करीब दस हजार से अधिक लोगों का सीधे तौर पर रोजगार जुड़ा है। साहसिक गतिविधियों के संचालन के लिए 40 फीसदी लोगों ने लाखों रुपये का लोन बैंकों से लिया है, लेकिन अब इसे चुकाना मुश्किल हो गया है। वे दो माह से साहसिक गतिविधियों के बंद होने से लोन की किस्तों को नहीं चुका पा रहे हैं। अब उन्हें बैंकों की किस्तों को चुकाने की चिंता सताने लगी है। पैराग्लाइडरों व रिवर राफ्टरों पर पड़ी दोहरी माह को लेकर उनकी राय जाना है।
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500 राफ्ट नदी के किनारे खड़ी
कुल्लू वैली रिवर राफ्टिंग ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम चंद अत्री ने कहा कि दो माह से करीब 500 राफ्ट नदी के किनारे खड़ी हैं। कई राफ्टों ने बैंकों से लाखों रुपये का ऋण लिया है, जो अब भरना मुश्किल हो रहा है। हजारों लोगों को रोजगार भी छिन गया है।
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दो माह से काम नहीं चलने से मुश्किल
मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल ने कहा कि कई पैराग्लाडिंग ऑपरेटरों ने रोजगार चलाने के लिए चार से दस लाख रुपये तक बैंक लोन लिया है। दो माह से काम नहीं चलने से लोन की किस्तें जमा नहीं हो पाई है। इससे परेशानी हो रही है।
परिवार का गुजारा करना मुश्किल
राफ्ट संचालक हीरा लाल ठाकुर ने कहा कि साहसिक गतिविधियों से जिला में दस हजार से भी अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार जुड़ा है। मनाली से लेकर झीड़ी तक साइटों से सैलानी मायूस होकर लौट रहे हैं। राफ्ट संचालकों को परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
पर्यटकों पर भी पड़ रहा असर
ठाकुर चंद ने कहा कि साहसिक गतिविधियां बंद होने से कई राफ्ट संचालक बैंकों से लिए लाखों के लोन की किस्तों को नहीं भर पा रहे हैं। बैंक की तरफ से किस्तों को जमा करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है। इसका असर घूमने आ रहे पर्यटकों पर भी पड़ रहा है।