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बारिश से भूस्खलन; पेड़ गिरे, रूट प्रभावित
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कुल्लू/बंजार। जिला कुल्लू में मंगलवार रात से बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का क्रम जारी है। बारिश से कई सड़कों पर भूस्खलन हुआ है। हालांकि भूस्खलन से किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं है। जिला मुख्यालय के साथ लगते सरवरी में बुधवार को भूस्खलन से एक बड़ा पत्थर सड़क में गिरा।
पत्थर की चपेट में आने से एंबुलेंस बाल-बाल बची। अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। जिले में कई कच्ची सड़कों पर बारिश के चलते वाहनों के पहिये थम गए। निगम की बसें भी कच्ची सड़क वाले रूटों पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। इससे कुछ रूट प्रभावित हुए। हालांकि बारिश को सूखे के लिहाज से बेहतर माना जा रहा है। बारिश से पेयजल स्रोतों को संजीवनी मिलेगी। बंजार की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद पारा काफी लुढ़क गया है। बंजार में कुछ जगहों पर पेड़ गिरे हैं। बिजली की आंखमिचौली से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश से अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दिसंबर महीने जैसी ठंड लौट आई है। बाजार से भी दिनभर रौनक गायब ही रही। अधिकतर लोग ठंड के चलते अपने घरों में ही दुबके रहे। एसडीएम बंजार हेम चंद्र वर्मा ने कहा कि बंजार में लोगों व पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि कोई भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं।
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पत्थर की चपेट में आने से एंबुलेंस बाल-बाल बची। अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। जिले में कई कच्ची सड़कों पर बारिश के चलते वाहनों के पहिये थम गए। निगम की बसें भी कच्ची सड़क वाले रूटों पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। इससे कुछ रूट प्रभावित हुए। हालांकि बारिश को सूखे के लिहाज से बेहतर माना जा रहा है। बारिश से पेयजल स्रोतों को संजीवनी मिलेगी। बंजार की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद पारा काफी लुढ़क गया है। बंजार में कुछ जगहों पर पेड़ गिरे हैं। बिजली की आंखमिचौली से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश से अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दिसंबर महीने जैसी ठंड लौट आई है। बाजार से भी दिनभर रौनक गायब ही रही। अधिकतर लोग ठंड के चलते अपने घरों में ही दुबके रहे। एसडीएम बंजार हेम चंद्र वर्मा ने कहा कि बंजार में लोगों व पर्यटकों से आग्रह किया गया है कि कोई भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं।
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