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Kullu News: फिर से बसने लगा तीर्थन घाटी का झनियार गांव
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बंजार फिर से वसने लगा बंजार की के तिर्थन घाटी का झनियार गांव पिछले साल भयंकर आगजन्नी से जल
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी का झनियार गांव एक बार फिर आबाद होने लगा है। पिछले वर्ष हुए भीषण अग्निकांड में गांव के 16 से अधिक घर और पशुशालाएं जलकर राख हो गई थीं। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक टेंटों में रहना पड़ा था।
समय के साथ सरकार, सामाजिक संगठनों और विभिन्न एनजीओ ने अग्निपीड़ित परिवारों की सहायता की। इसी सहयोग और ग्रामीणों की मेहनत से अब गांव में दोबारा घर बनने शुरू हो गए हैं। हालांकि ग्रामीणों की परेशानियां अभी भी कम नहीं हुई हैं।
गांव सड़क से दूर होने के कारण निर्माण सामग्री कंधों, पीठ और घोड़े-खच्चरों के जरिए पहुंचानी पड़ रही है। ऐसे में घरों का निर्माण बेहद कठिन बना हुआ है। बावजूद इसके ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे अपने आशियाने दोबारा खड़े करने में जुटे हैं। अब कई परिवारों के नए घर तैयार होने लगे हैं और जल्द ही प्रभावित लोग फिर से अपने घरों में लौट सकेंगे।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन निर्माण सामग्री गांव तक पहुंचाने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए रज्जू मार्ग स्थापित किया जाए, ताकि राहत मिल सके।
इसके अलावा गांव में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग से नई पेयजल योजना का कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि पानी की समस्या से भी निजात मिल सके।
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समय के साथ सरकार, सामाजिक संगठनों और विभिन्न एनजीओ ने अग्निपीड़ित परिवारों की सहायता की। इसी सहयोग और ग्रामीणों की मेहनत से अब गांव में दोबारा घर बनने शुरू हो गए हैं। हालांकि ग्रामीणों की परेशानियां अभी भी कम नहीं हुई हैं।
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गांव सड़क से दूर होने के कारण निर्माण सामग्री कंधों, पीठ और घोड़े-खच्चरों के जरिए पहुंचानी पड़ रही है। ऐसे में घरों का निर्माण बेहद कठिन बना हुआ है। बावजूद इसके ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे अपने आशियाने दोबारा खड़े करने में जुटे हैं। अब कई परिवारों के नए घर तैयार होने लगे हैं और जल्द ही प्रभावित लोग फिर से अपने घरों में लौट सकेंगे।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन निर्माण सामग्री गांव तक पहुंचाने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव तक निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए रज्जू मार्ग स्थापित किया जाए, ताकि राहत मिल सके।
इसके अलावा गांव में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग से नई पेयजल योजना का कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि पानी की समस्या से भी निजात मिल सके।