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दो साल से सिंचाई योजना का काम शुरू नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन वैली में दो साल से किसानों के खेत सूख गए हैं, लेकिन सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा है। इससे किसानों की फसलें बरबाद हो रही हैं। हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
गुशैणी में 55 करोड़ से बनने वाली सिंचाई योजना पांच पंचायतों के लिए प्रस्तावित है। इससे शिल्ली पंचायत, तुंग, कोटला, मोहनी व खाबल पंचायत को सिंचाई के लिए पानी मिलना था। दो वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। सुरेश कुमार, यादव राम, सुनील सिंह, भीमसेन, योगराज, जितेंद्र कुमार, भोला राम, सेस राम ने बताया कि गुशैणी के लिए प्रस्तावित सिंचाई योजना धरातल पर नहीं उतरी है। इसका पांच पंचायतों के हजारों किसानों को लाभ मिलना था, लेकिन महज कागजी औपचारिकता के अलावा कुछ नहीं हुआ है। दो सालों से योजना ठंडे बस्ते में है। इसकी ओर प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों के खेत लगातार सूख रहे हैं। गर्मी तेज होनेे पर फसलों के लिए पानी नहीं मिल रहा है। गर्मी से पेयजल स्रोत सूख गए हैं। इससे फसल खेतों में बरबाद हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और जलशक्ति विभाग को सिंचाई योजना का काम जल्द शुरू किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को लाभ मिल सके। उधर, जलशक्ति विभाग बंजार के कनिष्ठ अभियंता बेली राम ने बताया कि सिंचाई योजना का मामला ध्यान में है। योजना की डीपीआर बना कर सरकार को भेजी गई है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन वैली में दो साल से किसानों के खेत सूख गए हैं, लेकिन सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा है। इससे किसानों की फसलें बरबाद हो रही हैं। हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
गुशैणी में 55 करोड़ से बनने वाली सिंचाई योजना पांच पंचायतों के लिए प्रस्तावित है। इससे शिल्ली पंचायत, तुंग, कोटला, मोहनी व खाबल पंचायत को सिंचाई के लिए पानी मिलना था। दो वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद काम शुरू नहीं हुआ है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। सुरेश कुमार, यादव राम, सुनील सिंह, भीमसेन, योगराज, जितेंद्र कुमार, भोला राम, सेस राम ने बताया कि गुशैणी के लिए प्रस्तावित सिंचाई योजना धरातल पर नहीं उतरी है। इसका पांच पंचायतों के हजारों किसानों को लाभ मिलना था, लेकिन महज कागजी औपचारिकता के अलावा कुछ नहीं हुआ है। दो सालों से योजना ठंडे बस्ते में है। इसकी ओर प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों के खेत लगातार सूख रहे हैं। गर्मी तेज होनेे पर फसलों के लिए पानी नहीं मिल रहा है। गर्मी से पेयजल स्रोत सूख गए हैं। इससे फसल खेतों में बरबाद हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और जलशक्ति विभाग को सिंचाई योजना का काम जल्द शुरू किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को लाभ मिल सके। उधर, जलशक्ति विभाग बंजार के कनिष्ठ अभियंता बेली राम ने बताया कि सिंचाई योजना का मामला ध्यान में है। योजना की डीपीआर बना कर सरकार को भेजी गई है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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