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Kullu News: मनाली अस्पताल में शिशुओं का होगा उपचार
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मनाली। पर्यटन नगरी मनाली के सिविल अस्पताल में करीब तीन साल बाद शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। डॉ. आशीष कुमार ने तीन दिन पहले अस्पताल में सेवाएं शुरू कर दी हैं। इससे मनाली के साथ लाहौल-स्पीति और पांगी क्षेत्र से आने वाले बाल मरीजों को राहत मिलेगी।
वर्ष 2023 में अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ के तबादले के बाद इस पद पर दोबारा किसी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई थी। इसके चलते करीब तीन साल तक बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी अन्य चिकित्सकों पर रही। गंभीर या विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत होने पर बच्चों को कुल्लू रेफर करना पड़ता था।
विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से अभिभावकों को बच्चों के उपचार के लिए कुल्लू जाने में समय और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था। कई परिवारों को निजी अस्पतालों का रुख भी करना पड़ता था। अब मनाली में ही शिशु रोग विशेषज्ञ की सुविधा मिलने से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी। सिविल अस्पताल मनाली में रोजाना आने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या काफी रहती है।
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अस्पताल के कुल मरीजों में करीब 30 से 40 प्रतिशत बच्चे होते हैं। मनाली के अलावा लाहौल-स्पीति और पांगी के लोग भी उपचार के लिए मनाली पहुंचते हैं। ऐसे में शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती से स्थानीय लोगों के साथ दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने विशेषज्ञ की तैनाती का स्वागत करते हुए अस्पताल में अन्य जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सकों और सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की है।
बीएमओ डॉ. करण ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ ने तीन दिन पहले अस्पताल में ज्वाइन किया है और सेवाएं शुरू कर दी हैं। अब बच्चों का उपचार सिविल अस्पताल मनाली में ही उपलब्ध होगा। संवाद
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वर्ष 2023 में अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ के तबादले के बाद इस पद पर दोबारा किसी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई थी। इसके चलते करीब तीन साल तक बच्चों के उपचार की जिम्मेदारी अन्य चिकित्सकों पर रही। गंभीर या विशेषज्ञ परामर्श की जरूरत होने पर बच्चों को कुल्लू रेफर करना पड़ता था।
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विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से अभिभावकों को बच्चों के उपचार के लिए कुल्लू जाने में समय और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था। कई परिवारों को निजी अस्पतालों का रुख भी करना पड़ता था। अब मनाली में ही शिशु रोग विशेषज्ञ की सुविधा मिलने से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी। सिविल अस्पताल मनाली में रोजाना आने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या काफी रहती है।
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अस्पताल के कुल मरीजों में करीब 30 से 40 प्रतिशत बच्चे होते हैं। मनाली के अलावा लाहौल-स्पीति और पांगी के लोग भी उपचार के लिए मनाली पहुंचते हैं। ऐसे में शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती से स्थानीय लोगों के साथ दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने विशेषज्ञ की तैनाती का स्वागत करते हुए अस्पताल में अन्य जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सकों और सुविधाओं को बढ़ाने की मांग की है।
बीएमओ डॉ. करण ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ ने तीन दिन पहले अस्पताल में ज्वाइन किया है और सेवाएं शुरू कर दी हैं। अब बच्चों का उपचार सिविल अस्पताल मनाली में ही उपलब्ध होगा। संवाद