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Kullu News: सायर मेले में देव मिलन से देवमय हुआ शटयाऊगी
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महिला मंडलों की सदस्यों ने पारंपरिक परिधानों में डाली नाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बंजार उपमंडल के शटयाऊगी गांव में सायर मेले का आयोजन धूमधाम से किया गया। मेले के पावन अवसर पर देवता पंचवीर कलवारी, माता सेफण शटयाऊगी, देवता शांघड़ी महाराज और देवता शेषनाग का देव मिलन हुआ। करीब 30 वर्षों बाद आयोजित इस देव मिलन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय और देवमय वातावरण में डूबा रहा।
मेले के दूसरे दिन महिला मंडल शटयाऊगी, देहुरीधार शिटयाऊणी, देवधर जसड़ और गलवाहधार सहित आसपास के महिला मंडलों ने कुल्लवी परिधानों में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर मेले की शोभा बढ़ाई। देव परंपराओं के निर्वहन के साथ श्रद्धालुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सायर मेला क्षेत्र की प्राचीन देव परंपराओं, आस्था और लोक संस्कृति को संजोए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
माता सेफण शटयाऊगी के कारदार तुले राम ने बताया कि इस वर्ष सायर मेला तीन दिन तक मनाया जाएगा। मेले को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। मेले में तीनों देवताओं के गूर, कारदार, पुजारी और अन्य कारकून विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर रघुवीर सिंह, आचार्य नरेश कुमार, खीमे राम, निरत सिंह, चंद्रशेखर, तारा चंद, ऐला राम, प्रेम सिंह कारदार सहित गांव के कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बंजार उपमंडल के शटयाऊगी गांव में सायर मेले का आयोजन धूमधाम से किया गया। मेले के पावन अवसर पर देवता पंचवीर कलवारी, माता सेफण शटयाऊगी, देवता शांघड़ी महाराज और देवता शेषनाग का देव मिलन हुआ। करीब 30 वर्षों बाद आयोजित इस देव मिलन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय और देवमय वातावरण में डूबा रहा।
मेले के दूसरे दिन महिला मंडल शटयाऊगी, देहुरीधार शिटयाऊणी, देवधर जसड़ और गलवाहधार सहित आसपास के महिला मंडलों ने कुल्लवी परिधानों में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर मेले की शोभा बढ़ाई। देव परंपराओं के निर्वहन के साथ श्रद्धालुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सायर मेला क्षेत्र की प्राचीन देव परंपराओं, आस्था और लोक संस्कृति को संजोए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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माता सेफण शटयाऊगी के कारदार तुले राम ने बताया कि इस वर्ष सायर मेला तीन दिन तक मनाया जाएगा। मेले को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। मेले में तीनों देवताओं के गूर, कारदार, पुजारी और अन्य कारकून विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर रघुवीर सिंह, आचार्य नरेश कुमार, खीमे राम, निरत सिंह, चंद्रशेखर, तारा चंद, ऐला राम, प्रेम सिंह कारदार सहित गांव के कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद
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