फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   In Spiti, rugs are made from yak wool.

Kullu News: स्पीति में आज भी लोग याक के ऊन से बनाते हैं गर्म गलीचा

Tue, 29 Nov 2022 11:09 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Nov 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
In Spiti, rugs are made from yak wool.
लाहौल-स्पीति जिला की स्पीति घाटी में माइनस 40 डिग्री तापमान में भी जीवित रहने वाला याक। इसकी ऊन से ? - फोटो : Kullu
केलांग (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल स्पीति घाटी में आज भी लोग गलीचे बुनने और खेत जोतने के लिए याक पाल रहे हैं। इसके ऊन (खुलु) से घाटी के लोग नर्म गलीचा तैयार करते हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा खेतों की बिजाई के लिए भी स्पीति घाटी के लोसर, क्यामो, हंसा, क्याटो और चिच्चम के साथ पिनवैली में किसान याक का इस्तेमाल करते हैं। इसकी उम्र करीब 18 साल के आसपास होती है। यह जानवार बर्फ में माइनस 40 डिग्री में भी रह सकता है। यह एक गाय जाति का जंगली पशु है। इसकी कुछ प्रजातियां पालतू भी हैं। भारत में स्पीति के साथ उतरी लद्दाख में याक 10 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर पाया जाता है।
विज्ञापन

याक भारत के उत्तरी क्षेत्रों में पाया जाने वाला जानवर है। इनके शरीर की बनावट ऐसी है जो शून्य से 40 डिग्री तक के तापमान में जीवित रह सकता है। घास और छोटे पौधे इसका आहार हैं। तिब्बती लोगों के लिए याक बेहद उपयोगी पशु है। इसके दूध का सेवन भी किया जाता है। याक का सवारी और सामान ढोने में भी इस्तेमाल होता है। स्पीति से लोसर गांव के वीर वैद्घा और क्यामो के तंजिन ने बताया कि स्पीति घाटी के लोसर, क्यामो, हंसा, क्याटो, चिच्चम और पिनवैली में लोग याक पाल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि याक के ऊन (खुलु) से गलीचा तैयार करने और उसे खेत जोतने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी ऊन ( खुलु) से रस्सी भी बनती है। मादा याक 257 से 270 दिनों में बच्चे को जन्म देती है। तंजिन ने बताया कि याक ठंडे और बर्फीले क्षेत्र में पाया जाने वाला ऐसा प्राणी है। स्पीति घाटी में याक को दिसंबर अंत तक माइनस तापमान के बावजूद रिहायशी इलाकों से दूर जंगल में खुला छोड़ा जाता है।

याक एक पशु है जो तिब्बत के ठंडे तथा वीरान पठार के अलावा नेपाल और उत्तरी भारत में पाया जाता है। यह जानवार काला, भूरा, सफेद या धब्बेदार रंग का होता है। इसका शरीर घने, लंबे और खुरदरे बाल होते हैं। इसकी ऊन से बने गचीले का बैठने या सोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed