आरओ पद की पात्रता में 37 वर्ष की जाए आयु
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रेंज ऑफिसर (आरओ) पद के लिए आयु सीमा 31 से बढ़ाकर 37 साल करवाने की मांग को लेकर वानिकी एवं स्नातक छात्र संघ लामबंद हो गया है। संगठन ने मांग की अनदेखी पर प्रदेश स्तर पर भूख हड़ताल शुरू करने और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है। वानिकी एवं स्नातक छात्र संघ के अध्यक्ष नितेश ठाकुर, सचिव चंद्रेश गुलेरिया, उपाध्यक्ष राकेश कुमार, सह सचिव रविना नेगी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि कुछ समय पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि जल्द संघ की मांग पूरी की जाएगी। लेकिन अब तक वन सचिव ने इसके बारे में कोई भी निर्णय नहीं लिया है।
संघ की मुख्य मांगों में आरओ की सीधी भर्ती की आयु सीमा 31 साल से बढ़ाकर 37 साल होनी चाहिए। आरओ और एसीएफ की रिक्तियां करीब 7 या 8 सालों के बाद निकलती हैं और इस अंतराल में कई लोग ओवरएज हो जाते हैं या इस आयु सीमा में उन्हें एक या दो बार मौका मिलता है। हर साल नौणी विवि से 100 से लेकर 120 वानिकी स्नातक निकलते हैं और दूसरी ओर सरकार उक्त पदों को सात या आठ सालों बाद निकालती है कृषि और उद्यान विभाग में विज्ञान स्नातकों को नहीं लिया जाता है। यह उनके अधिकारों का हनन है। संगठन ने इस मामले में सीएम से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ का तर्क है कि उत्तराखंड में इसी की आयु सीमा 40 और 42 साल है। अगर वन रक्षक की आयु 26 साल से 30 साल हो सकती है और हर साल वन रक्षक के पद 200 से 400 तक निकलते हैं तो आरओ के लिए आयु क्यों नहीं बढ़ाई जा रही है। संघ ने चेताया है कि यदि जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया तो प्रदेश भर में हड़ताल शुरू की जाएगी और कोर्ट दरवाजा खटखटाया जाएगा।