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Kullu News: देव खेल देखने के लिए उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु
Tue, 07 Mar 2023 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 07 Mar 2023 10:59 PM IST
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कुल्लू के खराहल घाटी मे देवता माहुटी नाग की फागली उत्सव के दौरान देव नृत्य करते देवता के गुुुर।
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खराहल/कुल्लू। खराहल घाटी के कोट गांव में मंगलवार को होली के दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु देवता माहुटी नाग के दर्शन के लिए उमड़े। देवता के सम्मान में फागली पर्व मनाया गया।
बर्फ के गोले के साथ देवता माहुटी नाग के गूर की देव खेल आकर्षण का केंद्र रही। ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता ने देवनृत्य भी किया। गूर के माध्यम से श्रद्धालुओं ने देवता से पूछ (प्रश्न) डाली।
फागली में आए मेहमानों की खूब खातिरदारी की। इससे पहले सुबह देवता के करडू को सजाया गया। सुबह करीब 11:00 बजे के बाद देवता कोट गांव स्थित भंडार से बाहर निकले। इसके साथ देवता लाव-लश्कर के साथ अपने प्राचीन मंदिर की ओर रवाना हुए।
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प्राचीन मंदिर में पहुंचने के बाद देवता ने परिक्रमा की। इसके बाद देव पूजन की प्रक्रिया आरंभ हुई। देव पूजन के बाद देव खेल हुई। देवता बिजली महादेव के गूर और माहुटी नाग के गूर ने देव खेल की।
आखिर में देवता माहुटी नाग के गूर ने बर्फ के गोले के साथ देवखेल की। बर्फ का गोला आखिर में दक्षिण दिशा की तरफ गिरा। इस क्षेत्र में इस बार ओलावृष्टि का अनुमान है। शाम करीब चार बजे के बाद देवता अपने भंडार वापस आए।
श्रद्धालुओं ने देवता से पूछ डाली। देवता माहुटी नाग के कारदार लालचंद ठाकुर ने कहा कि माहुटी नाग की फागली के दौरान सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संयोग से होली के दिन मंगलवार को फागली उत्सव मनाया गया है। संवाद
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बर्फ के गोले के साथ देवता माहुटी नाग के गूर की देव खेल आकर्षण का केंद्र रही। ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता ने देवनृत्य भी किया। गूर के माध्यम से श्रद्धालुओं ने देवता से पूछ (प्रश्न) डाली।
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फागली में आए मेहमानों की खूब खातिरदारी की। इससे पहले सुबह देवता के करडू को सजाया गया। सुबह करीब 11:00 बजे के बाद देवता कोट गांव स्थित भंडार से बाहर निकले। इसके साथ देवता लाव-लश्कर के साथ अपने प्राचीन मंदिर की ओर रवाना हुए।
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प्राचीन मंदिर में पहुंचने के बाद देवता ने परिक्रमा की। इसके बाद देव पूजन की प्रक्रिया आरंभ हुई। देव पूजन के बाद देव खेल हुई। देवता बिजली महादेव के गूर और माहुटी नाग के गूर ने देव खेल की।
आखिर में देवता माहुटी नाग के गूर ने बर्फ के गोले के साथ देवखेल की। बर्फ का गोला आखिर में दक्षिण दिशा की तरफ गिरा। इस क्षेत्र में इस बार ओलावृष्टि का अनुमान है। शाम करीब चार बजे के बाद देवता अपने भंडार वापस आए।
श्रद्धालुओं ने देवता से पूछ डाली। देवता माहुटी नाग के कारदार लालचंद ठाकुर ने कहा कि माहुटी नाग की फागली के दौरान सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संयोग से होली के दिन मंगलवार को फागली उत्सव मनाया गया है। संवाद