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एचआईवी और एड्स अलग-अलग अवस्थाएं : डॉ. सुरेश
Sat, 21 Feb 2026 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 21 Feb 2026 10:16 PM IST
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एड्स की अवस्था में पहुंचने तक लगता है 12 वर्ष का समय
कुल्लू अस्पताल में हुई एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एचआईवी और एड्स दो अलग-अलग अवस्थाएं हैं। एचआईवी एक वायरस से होने वाला संक्रमण है। यह मुख्यतया चार कारणों से फैलता है।
असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई या सिरिंज का उपयोग और संक्रमित माता से शिशु में इसका कारण हैं। एचआईवी संक्रमण के बाद एड्स की अवस्था तक पहुंचने में लगभग 10 से 12 वर्ष का समय लग सकता है। इसके बाद इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। यह बात जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कही।
क्षेत्रीय अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। कार्यशाला में जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि एचआईवी का सबसे प्रभावी उपाय बचाव है।
जनशिक्षा एवं संप्रेषण अधिकारी निर्मला महंत ने एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है। उनके साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने का प्रावधान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को एचआईवी-एड्स संबंधी जानकारी देना और समुदाय स्तर पर जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को सुदृढ़ करना रहा।
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कुल्लू अस्पताल में हुई एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एचआईवी और एड्स दो अलग-अलग अवस्थाएं हैं। एचआईवी एक वायरस से होने वाला संक्रमण है। यह मुख्यतया चार कारणों से फैलता है।
असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई या सिरिंज का उपयोग और संक्रमित माता से शिशु में इसका कारण हैं। एचआईवी संक्रमण के बाद एड्स की अवस्था तक पहुंचने में लगभग 10 से 12 वर्ष का समय लग सकता है। इसके बाद इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। यह बात जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश ने कही।
क्षेत्रीय अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर के निर्देशानुसार जिला स्तरीय एचआईवी-एड्स प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। कार्यशाला में जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि एचआईवी का सबसे प्रभावी उपाय बचाव है।
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जनशिक्षा एवं संप्रेषण अधिकारी निर्मला महंत ने एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करता है। उनके साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने का प्रावधान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को एचआईवी-एड्स संबंधी जानकारी देना और समुदाय स्तर पर जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को सुदृढ़ करना रहा।
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