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भारत की सांस्कृतिक धरोहर है हिंदी भाषा

Sun, 22 Aug 2021 10:35 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 10:35 PM IST
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Hindi is the cultural heritage of the country
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। राष्ट्रभाषा हिंदी अुनभूतियों और आत्मा की अभिव्यक्ति है, लेकिन बदलते परिवेश में अंग्रेजी भाषा की देखा देखी में हिंदी की सरलता और उपयोगिता कम होती जा रही है। स्कूलों में हिंदी की पढ़ाई भी कम होती जा रही है।
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ऐसे में हमें हिंदी भाषा को इसका गौरव लौटाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। राजमर्रा के बोल चाल में हिंदी का अधिक प्रयोग करने की जरूरत है। अमर उजाला फाउंडेशन का हिंदी हैं हम अभियान में भागीदार बनकर हिंदी के संरक्षण और प्रचार प्रसार करें।
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कोट
-हिंदी हमारी आत्मा की अभिव्यक्ति है। हिंदी हमारे देश का स्वाभिमान भी है। इस भाषा ने हमारी
स्वतंत्रता के तरानों को देशभक्तों की रूह में उतारा है। हिंदी ने समूचे देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। इस भाषा के बिना समग्र भारतवर्ष की कल्पना नहीं हो सकती। हिंदी में क्षमता, प्रेम और सुंदरता है।
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-नीरज कुमार उपायुक्त लाहौल-स्पीति
बाक्स
-हिंदी हमारी मातृभाषा है । इसने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखा है। हिंदी भाषा वर्तमान में नवीन शब्दों का स्वयं में समावेश कर और अधिक समृद्ध हो रही है। हमें हिंदी भाषा को इसका गौरव लौटाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। हिंदी की अनदेखी को रोकने के लिए हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
-राज कुमार ठाकुर, एसडीएम उदयपुर
बाक्स
-हिंदी एक सरल और मधुर भाषा है। देश के सभी लोग अगर बोल नहीं सकते तो इसे समझते जरूर हैं। सरकारी कार्यालय और कामकाज में भी हिंदी का प्रयोग हमें जनता से जोड़ता है। हिंदी का प्रचार हम सब की जिम्मेदारी है। खासकर बच्चों को मातृभाषा बोलने और अपनाने को हमें प्रेरित करना चाहिए, ताकि वे अपनी भाषा से अपनी संस्कृति को समझें और गर्व महसूस करें। हिंदी हैं हम अभियान हिंदी के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
-प्रिया नागटा एसडीएम केलांग
-विश्व की प्राचीन समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ-साथ हिंदी हमारी मातृभाषा है। हालांकि वर्षों की गुलामी के बाद हम इसे हीन समझने लगे थे, मगर अब स्थिति बदल गई है। हिंदी भाषा विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा बन गई है। हिंदी हमारे संस्कारों का प्रतिबिंब है। मां, मातृभूमि और मातृभाषा स्वर्ग से भी उत्तम है, जिसकी सदैव रक्षा होनी चाहिए। मगर इस के विपरीत कुछ लोग विदेशी भाषा को प्रचलन में लाना अपनी शान समझते हैं।
-पालम सिंह प्रवक्ता हिंदी सलग्रां स्कूल
-भारत में बोली जाने वाली अनेक भाषाओं में से हिंदी सबसे अधिक बोली जाती है। बच्चा-बच्चा परिचित है कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। स्कूलों में भी अधिकतम उन छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की जाती है जो हिंदी को छोड़ विदेशी भाषाओं में अच्छी पकड़ रखते हो। हिंदी भारत की सबसे अधिक लोकप्रिय और सरल भाषाओं में से एक है। हमें हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग कर इसका प्रचार प्रसार भी करना चाहिए।

-मनीषा परशीरा प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर
-हिंदी भाषा को हम सभी समझते, जानते और बोलते हैं। इसका प्रयोग हम किसी न किसी रूप में करते हैं। विद्यालय में खेल के मैदान में कार्यालयों में हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। हिंदी केवल भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में बोली जाने वाली एक भाषा है। हिंदी भाषा को भारत संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है, तब से लेकर के सरकारी कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। हिंदी राष्ट्र के गौरव का प्रतीक है। हिंदी के विकास में सभी भारतीयों को सहयोग देना चाहिए।
-अनीता देवी प्रवक्ता हिंदी जाहलमा स्कूल
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