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हिमाचल प्रदेश: मनाली में 'महाजाम', घंटों रेंगते नजर आए वाहन; लोगों को करना पड़ा परेशानियों का सामना
Mon, 25 May 2026 10:18 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 25 May 2026 10:18 AM IST
सार
गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल का रुख कर रहे हैं। ऐसे में जाम भी बढ़ता जा रहा है। रविवार को मनाली में वाहन घंटों रेंगते नजर आए। पढ़ें पूरी खबर...
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मनाली में लगा पर्यटक वाहनों का लंबा जाम।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मनाली में पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही रविवार को भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। सुबह से ही चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मनाली शहर, अटल टनल मार्ग, माल रोड, वशिष्ठ, सोलंगनाला और पलचान क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि कई स्थानों पर वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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रोहतांग दर्रा पर बर्फ के दीदार को पहुंचे पर्यटक लगी वाहनों की लंबी कतारें।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बता दें कि वीकेंड और छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंचे हैं। हजारों वाहनों के एक साथ पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सड़क और पार्किंग व्यवस्था उसी अनुपात में विकसित नहीं हो पाई है।
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फाइलों में कैद डबललेन सड़क, जाम में घुट रही जनता
कसोल और धार्मिक स्थल मणिकर्ण को जोड़ने वाली भुंतर-मणिकर्ण सड़क को डबललेन करने की योजना फाइलों से बाहर नहीं निकली है। सड़क हाथीथान से लेकर मणिकर्ण तक कई जगहों पर अभी भी बेहद तंग है। पर्यटन सीजन में जाम लगने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कसोल और धार्मिक स्थल मणिकर्ण को जोड़ने वाली भुंतर-मणिकर्ण सड़क को डबललेन करने की योजना फाइलों से बाहर नहीं निकली है। सड़क हाथीथान से लेकर मणिकर्ण तक कई जगहों पर अभी भी बेहद तंग है। पर्यटन सीजन में जाम लगने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सरसाड़ी, जां, छन्नीखोड़, जरी, कसोल और अन्य जगहों पर मार्ग बेहद तंग है। इन दिनों कुल्लू, मनाली में पर्यटक आ रहे हैं। इससे जाम की समस्या और गहरा गई है। पार्वती घाटी की 15 से अधिक पंचायतों की यह मुख्य सड़क है। बावजूद सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। 2023 और 2025 की आपदा में सड़क को काफी नुकसान पहुंचा था।
अब तक सड़क की दशा सुधर नहीं पाई है। 2023 की आपदा में पार्वती नदी ने सड़क को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था। करीब 40 किलोमीटर सड़क को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने 38 करोड़ की राशि आपदा के तहत जारी की थी। पंचायत चुनाव में बरशैणी जिला परिषद वार्ड की जनता ने सड़क को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उम्मीदवारों से सड़क के बारे में सवाल किए जा रहे हैं। पर्यटन के लिहाज से पार्वती घाटी काफी महत्वपूर्ण है। कसोल में सालभर विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा रहता है। इसके साथ ही मणिकर्ण में भी श्रद्धालु सालभर पहुंचते हैं। विश्व का सबसे प्राचीन लोकतंत्र मलाणा गांव भी इसी घाटी में आता है।
पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। टारिंग के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। पार्वती घाटी की जनता की लाइफलाइन भुंतर-मणिकर्ण सड़क को चकाचक किया जाए। -पूर्ण पुजारी, पार्वती घाटी
भुंतर-मणिकर्ण सड़क की हालत ठीक न होने से पर्यटन पर मार पड़ रही है। पर्यटकों को भुंतर से कसोल और मणिकर्ण आने में गड्ढों से भरी सड़क से होकर आना पड़ता है। सरकार और प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। -शेरा नेगी, चौहकी, कुल्लू
पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। टारिंग के लिए बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। पार्वती घाटी की जनता की लाइफलाइन भुंतर-मणिकर्ण सड़क को चकाचक किया जाए। -पूर्ण पुजारी, पार्वती घाटी
भुंतर-मणिकर्ण सड़क की हालत ठीक न होने से पर्यटन पर मार पड़ रही है। पर्यटकों को भुंतर से कसोल और मणिकर्ण आने में गड्ढों से भरी सड़क से होकर आना पड़ता है। सरकार और प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। -शेरा नेगी, चौहकी, कुल्लू