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दर्जा बढ़ा, नहीं बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
कुल्लू/ सैंज
Updated Fri, 03 Jun 2016 10:36 PM IST
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डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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सैंज पीएचसी को सीएचसी का दर्जा मिलने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं बढ़ पाई हैं। सैंज पीएचसी को सीएचसी का दर्जा प्राप्त हुए काफी समय हो चुका है। आलीशान भवन का निर्माण भी किया गया है, लेकिन अभी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को करीब 60 किलोमीटर सफर कर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ही पहुंचना पड़ रहा है। सीएचसी सैंज वर्तमान में दो डॉक्टर के सहारे चल रही है।
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घाटीवासियों को घर द्वार में बने स्वास्थ्य विभाग के इस आलीशान भवन में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालांकि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज को 25 बिस्तरों की सुविधा भी दी है, लेकिन अपग्रेड होने से आज दिन तक एक भी मरीज को उपचार के लिए भर्ती नहीं किया गया है। इस स्वास्थ्य केंद्र के तहत सैंज घाटी की 15 पंचायतों की करीब 20 हजार आबादी आती है। स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं नहीं मिलने से सबसे ज्यादा दिक्कतें घाटी की गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ-साथ परियोजनाओं के मजदूरों को भी बीमार होने पर कुल्लू का रुख ही करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लाल चंद, दुनी चंद, श्यामलाल, भाग चंद, शेर सिंह, लोतराम, राज कुमार, तिलक राज, मीने राम, रोशन लाल, फते चंद, नीलम कुमार, किशोरी लाल और तापे राम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार डॉक्टरों की नियुक्ति करनेे के लिए अवगत किया गया है लेकिन मांगों को कोई गंभीरता नहीं लाई जा रही है। मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र अपग्रेड होने के बाद भी कुल्लू ले जाना पड़ता है। गर्भवर्ती महिलाओं को कुल्लू में दो महीने तक दाखिल रहना पड़ता है। जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज को अपग्रेड तो किया गया है, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं भेजे गए हैं। इस मुद्दे को लेकर सीएम से भी मिले हैं। वहीं हाल ही में बंजार मेले के दौरान स्वास्थ्य मंत्री से भी समस्या का हल करने की सिफारिश की है। उधर, बीएमओ बंजार डॉ. रणजीत का कहना है कि दो डॉक्टरों की कमी चल रही है। इसके के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
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