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ढालपुर मैदान की शुद्धिकरण के लिए किया हवन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय ढालपुर मैदान स्थित भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में शुद्धिकरण के लिए आयोजित महायज्ञ में हवन पाठ किया। दूसरे दिन शुक्रवार को रघुनाथ के दरबार में सुबह पूजा-अर्चना की और दोपहर बाद हवन पाठ हुआ।
हवन में रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह के साथ पुरोहितों ने भाग लिया। सुबह और शाम भजनों से रघुनाथ की नगरी गूंज रही है। इसके लिए अलग-अलग भजन मंडलियां प्रस्तुतियां दे रही हैं। भगवान रघुनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तांता लगा हुआ है। तीन दिनों तक चलने वाले महायज्ञ में भगवान रघुनाथ के साथ 13 अन्य देवी-देवता भी भाग ले रहे हैं। इसके लिए रघुनाथ पालकी में सवार होकर ढालपुर आए हैं। देवता धूमल नाग और वीरनाथ गौरी रथ के साथ विराजमान हैं। इसके अलावा देवी त्रिपुरा संदरी, माता दोचा-मोचा, माता हिडिंबा और बिजली महादेव, पंच वीर व आदि ब्रह्मा के प्रतीक चिन्ह भी धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे हैं। रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि 2020 के कुल्लू दशहरा में देवी-देवताओं को न बुलाने को लेकर देवी-देवताओं ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद देवताओं के कहने पर पिछले वर्ष ढालपुर मैदान में काहिका उत्सव करवाया गया था। अब ढालपुर मैदान का शुद्धिकरण किया जा रहा है।
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कुल्लू। जिला मुख्यालय ढालपुर मैदान स्थित भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में शुद्धिकरण के लिए आयोजित महायज्ञ में हवन पाठ किया। दूसरे दिन शुक्रवार को रघुनाथ के दरबार में सुबह पूजा-अर्चना की और दोपहर बाद हवन पाठ हुआ।
हवन में रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह के साथ पुरोहितों ने भाग लिया। सुबह और शाम भजनों से रघुनाथ की नगरी गूंज रही है। इसके लिए अलग-अलग भजन मंडलियां प्रस्तुतियां दे रही हैं। भगवान रघुनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तांता लगा हुआ है। तीन दिनों तक चलने वाले महायज्ञ में भगवान रघुनाथ के साथ 13 अन्य देवी-देवता भी भाग ले रहे हैं। इसके लिए रघुनाथ पालकी में सवार होकर ढालपुर आए हैं। देवता धूमल नाग और वीरनाथ गौरी रथ के साथ विराजमान हैं। इसके अलावा देवी त्रिपुरा संदरी, माता दोचा-मोचा, माता हिडिंबा और बिजली महादेव, पंच वीर व आदि ब्रह्मा के प्रतीक चिन्ह भी धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे हैं। रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने कहा कि 2020 के कुल्लू दशहरा में देवी-देवताओं को न बुलाने को लेकर देवी-देवताओं ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद देवताओं के कहने पर पिछले वर्ष ढालपुर मैदान में काहिका उत्सव करवाया गया था। अब ढालपुर मैदान का शुद्धिकरण किया जा रहा है।
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