{"_id":"65a027a7bcd55d08b70cda8e","slug":"hassle-for-test-in-government-lab-kullu-patients-upset-kullu-news-c-89-1-ssml1015-14704-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सरकारी लैब में टेस्ट के लिए झंझट, परेशान हुए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सरकारी लैब में टेस्ट के लिए झंझट, परेशान हुए मरीज
Thu, 11 Jan 2024 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:08 PM IST
विज्ञापन
कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में सरकारी लैव के बाहर खून के सैंपल देने के लिए लगी लाइन।-संवाद
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्थापित क्रस्ना लैब में दूसरे दिन भी सेवाएं बंद रहीं। लैब में वीरवार को टेस्ट न होने से सैकड़ों मरीजों को परेशानी हुई। अस्पताल में सुबह 09:30 बजे से ओपीडी में चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार शुरू किया।
चिकित्सकों के टेस्ट करवाने के परामर्श पर मरीज क्रस्ना लैब पहुंचे, लेकिन लैब में उपस्थित स्टाफ ने टेस्ट करने से मना कर दिया। अस्पताल की सरकारी लैब में टेस्ट करवाने की सलाह दी। सरकारी लैब में भी मरीजों की लाइनें लगी रहीं।
लैब में पंजीकरण काउंटर पर पहुंच कर पता चला कि टेस्ट के लिए पहले बिल काटने होंगे। टेस्ट तो निशुल्क हैं लेकिन बिल काउंटर से रसीद लानी होगी, तभी टेस्ट होंगे। क्षेत्रीय अस्पताल में बिल काउंटर धरातल मंजिल पर है और दूसरी मंजिल पर सरकारी लैब स्थापित है।
विज्ञापन
बिल काटने के लिए मरीजों को दूसरी से धरातल मंजिल पर आना पड़ा। बिल काउंटर की लंबी लाइन से निपटकर जैसे-जैसे मरीज लैब तक पहुंचे तो वहां भी दोपहर 12:00 बजे तक लाइनें लगी रहीं। लैब के कर्मचारियों ने 12:00 बजते ही पंजीकरण काउंटर भी बंद कर दिया और मरीजों को शुक्रवार आने के लिए कहा।
हताश और निराश मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ा। मरीज सोमा देवी ने कहा कि वह बंजार से आई है। चिकित्सक ने उन्हें थायराइड का टेस्ट करने के लिए कहा। लैब और बिल काउंटर पर भीड़ होने की वजह से वह टेस्ट के लिए सैंपल नहीं दे पाई।
मरीज सौरव, मोहित, सूरत राम, भानू प्रकाश, मोनिका, आयशा, विपाशा, रोनिका ने कहा कि अस्पताल की सरकारी लैब में मरीजों को टेस्ट की 24 घंटे सेवाएं मिलनी चाहिए। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि सरकारी लैब में टेस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए व्यवस्था की जा रही है। संवाद
विज्ञापन
चिकित्सकों के टेस्ट करवाने के परामर्श पर मरीज क्रस्ना लैब पहुंचे, लेकिन लैब में उपस्थित स्टाफ ने टेस्ट करने से मना कर दिया। अस्पताल की सरकारी लैब में टेस्ट करवाने की सलाह दी। सरकारी लैब में भी मरीजों की लाइनें लगी रहीं।
विज्ञापन
लैब में पंजीकरण काउंटर पर पहुंच कर पता चला कि टेस्ट के लिए पहले बिल काटने होंगे। टेस्ट तो निशुल्क हैं लेकिन बिल काउंटर से रसीद लानी होगी, तभी टेस्ट होंगे। क्षेत्रीय अस्पताल में बिल काउंटर धरातल मंजिल पर है और दूसरी मंजिल पर सरकारी लैब स्थापित है।
विज्ञापन
बिल काटने के लिए मरीजों को दूसरी से धरातल मंजिल पर आना पड़ा। बिल काउंटर की लंबी लाइन से निपटकर जैसे-जैसे मरीज लैब तक पहुंचे तो वहां भी दोपहर 12:00 बजे तक लाइनें लगी रहीं। लैब के कर्मचारियों ने 12:00 बजते ही पंजीकरण काउंटर भी बंद कर दिया और मरीजों को शुक्रवार आने के लिए कहा।
हताश और निराश मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ा। मरीज सोमा देवी ने कहा कि वह बंजार से आई है। चिकित्सक ने उन्हें थायराइड का टेस्ट करने के लिए कहा। लैब और बिल काउंटर पर भीड़ होने की वजह से वह टेस्ट के लिए सैंपल नहीं दे पाई।
मरीज सौरव, मोहित, सूरत राम, भानू प्रकाश, मोनिका, आयशा, विपाशा, रोनिका ने कहा कि अस्पताल की सरकारी लैब में मरीजों को टेस्ट की 24 घंटे सेवाएं मिलनी चाहिए। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि सरकारी लैब में टेस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए व्यवस्था की जा रही है। संवाद