फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Handicrafts and handloom products to be made from hemp: Sundar

भांग से तैयार होंगे हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद : सुंदर

Fri, 11 Sep 2026 05:08 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 05:08 PM IST
विज्ञापन
Handicrafts and handloom products to be made from hemp: Sundar
जिले में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए की जाएगी भांग की खेती
विज्ञापन

औषधीय प्रयोजन के लिए एक बीघा पर एक लाख रुपये फीस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने के लिए कानून बनाया गया है। कुल्लू में भांग की खेती मुख्य रूप से टेक्सटाइल उद्योग के लिए की जाएगी। इससे कपड़े, शॉल, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह बात विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को कही।
उन्होंने कहा कि औषधीय उपयोग के लिए भी अब भांग की खेती कानूनी तरीके से की जा सकेगी। किसानों को इसके लिए बीज हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय और बागवानी विश्वविद्यालय के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भांग की खेती को लेकर किसी तरह की भ्रांति नहीं होनी चाहिए। यह पूरी तरह नियंत्रित और लाइसेंस आधारित प्रक्रिया होगी।
विज्ञापन

सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि सामान्य खेती के लिए एक बीघा भूमि पर 500 रुपये और औषधीय प्रयोजन के लिए एक बीघा पर एक लाख रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अगुवाई में गठित सर्वदलीय कमेटी ने देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर इस विषय पर विस्तृत कानूनी अध्ययन किया था। अध्ययन के बाद सर्वदलीय कमेटी ने सीमित क्षेत्र में भांग की खेती की अनुमति देने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि खेती को निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों के तहत ही किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed