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मंडियों में 40 रुपये किलो बिक रहा गोल्डन सेब
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कुल्लू। सेब बगीचों में रॉयल सेब 80 फीसदी समाप्त होने के बाद गोल्डन व रेड गोल्डन मंडियों में आ रहा है। मंडियों में गोल्डन 25 से 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। बाहरी राज्यों के व्यापारी रॉयल सहित गोल्डन सेब को हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। 15 अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा तक सेब सीजन निपटने की उम्मीद है।
अक्तूबर महीने का पहला सप्ताह शुरू होते ही अब फल मंडियों में सेब की खेप भी आना भी कम हो गई है। सब्जी मंडी भुंतर, बंदरोल, पतलीकूहल सहित अन्य मंडियों में सेब सीजन के दौरान करीब 250 से 300 जीपें आ रही थी। जो अब घटकर 100 से 150 के बीच रह गई हैं। निचले क्षेत्रों में तो 15 सितंबर से पहले ही सेब के बगीचे खाली हो गए थे। अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अधिकतर बागवानों ने रॉयल सेब का तुड़ान शुरू कर दिया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब देरी से तैयार होता है। बागवान सेब मंडियों में पहुंचा रहे हैं। गोल्डन सेब का तुड़ान होने के बाद व्यापारियों को भी खरीदने के लिए नई वैरायटी मिल गई है। गोल्डन सेब जहां देखने में चमकीला है। वहीं इसमें रॉयल के मुकाबले रस भी अधिक होता है। जूस बनाने वाली कंपनियों में भी गोल्डन की काफी डिमांड रहती है। गोल्डन और रेड गोल्डन दोनों की मंडियों में काफी डिमांड है।
सब्जी मंडी बंदरोल में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि गोल्डन सेब मंडियों में आना शुरू हो गया है। छोटा सेब 25 रुपये जबकि बड़े साइज का 40 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि अब मंडियों में आने वाले सेब में गिरावट दर्ज की गई है।
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अक्तूबर महीने का पहला सप्ताह शुरू होते ही अब फल मंडियों में सेब की खेप भी आना भी कम हो गई है। सब्जी मंडी भुंतर, बंदरोल, पतलीकूहल सहित अन्य मंडियों में सेब सीजन के दौरान करीब 250 से 300 जीपें आ रही थी। जो अब घटकर 100 से 150 के बीच रह गई हैं। निचले क्षेत्रों में तो 15 सितंबर से पहले ही सेब के बगीचे खाली हो गए थे। अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अधिकतर बागवानों ने रॉयल सेब का तुड़ान शुरू कर दिया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब देरी से तैयार होता है। बागवान सेब मंडियों में पहुंचा रहे हैं। गोल्डन सेब का तुड़ान होने के बाद व्यापारियों को भी खरीदने के लिए नई वैरायटी मिल गई है। गोल्डन सेब जहां देखने में चमकीला है। वहीं इसमें रॉयल के मुकाबले रस भी अधिक होता है। जूस बनाने वाली कंपनियों में भी गोल्डन की काफी डिमांड रहती है। गोल्डन और रेड गोल्डन दोनों की मंडियों में काफी डिमांड है।
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सब्जी मंडी बंदरोल में आढ़ती यूनियन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि गोल्डन सेब मंडियों में आना शुरू हो गया है। छोटा सेब 25 रुपये जबकि बड़े साइज का 40 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि अब मंडियों में आने वाले सेब में गिरावट दर्ज की गई है।
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