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Kullu News: बागवानों को सेब पौधों में डालने के लिए नहीं मिल रही खाद

Mon, 28 Nov 2022 11:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2022 11:03 PM IST
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Gardeners are not getting fertilizer to put in apple plants
कुल्लू। जिले के बागवानों को अपने बगीचों में डालने के लिए खाद नहीं मिल पा रही है। हिमफेड के स्टोर से बागवानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बागवान इन दिनों सेब के तौलिये बनाने में लगे हुए हैं। बर्फबारी से पहले सेब के पौधों में खाद डालना जरूरी है। बर्फबारी से पहले खाद डालने से बेहतर पैदावार होती है, लेकिन खाद न मिलने से बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि इस तरह की समस्या पूरे प्रदेश भर में आ रही है। गौर रहे कि कुल्लू जिले में करीब 80 फीसदी आबादी कृषि व बागवानी से जुड़ी है। जिले में सेब का करोड़ों का कारोबार होता है। कुल्लू में सेब का 25,000 से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में उत्पादन हो रहा है। जबकि प्लम का 2158.40 हेक्टेयर, नाशपाती 383.45, अनार का 403.20 और जापानी फल 216.20 हेक्टेयर क्षेत्र में उत्पादन हो रहा है, लेकिन बिना खाद के बागवानों को दिक्कतें आ रही है।
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हिमफेड 12:32:16, पोटाश, यूरिया खाद आदि को उपलब्ध करवाता है। घाटी के बागवान गुरदयाल, चमन लाल, खीमी राम ने कहा कि बागवानी से उनके परिवार की रोजी रोटी चलती है। इसके लिए सेब के पौधों की देखभाल के लिए समय पर खाद डालना जरूरी होता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि बागवानों को समय पर खाद व दवाइयां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
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इस संबंध में कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि फलोत्पादक मंडल द्वारा भी बागवानों को खाद व दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। बागवानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए फलोत्पादक मंडल प्रयासरत है।
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