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जंगल में भड़की आग, 100 बीघा वन सपंदा राख
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कुल्लू शहर के साथ सटी पहाड़ी पर लगी आग से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई।-संवाद
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिले के जंगलों में लगातार लग रही आग को बुझाने के लिए वन विभाग और अग्निमशन विभाग सजग नहीं हैं। इस कारण करोड़ों की वन संपदा राख हो रही है। कुल्लू शहर के साथ लगते जंगल में शनिवार को सुबह ही आग लग गई । आग की लपटें रिहायशी मकानें तक पहुंच गईं। आनन-फानन में लोगों ने आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे इसमें तो सफल हो गए पर आग की लपटों ने अन्य किनारा पकड़ लिया। इससे आग पूरे जंगल में तेजी से फैल गई। इसमें लगभग 100 बीघा पर वन संपदा राख हो गई है।
हैरतअंगेज है कि शहर के साथ लगते जंगल में आग भड़की हुई है, लेकिन मुख्यालय में विभागों के कार्यालय होने के बाद भी आग को बुझाने का प्रयास नहीं किया गया। इस कारण देवदार के कई बड़े और छोटे पेड़ जंगल की आग की चपेट में आकर जल गए।
ग्रामीण दिनेश कुमार, सुरेश कमार, तानिश ठाकुर, भीमसेन, आलम चंद और सुनील ने बताया कि फायर सीजन होने के बाद जंगलों में लगातार आग भड़क रही है। इससे ग्रामीणों को खतरा सता रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग आग की घटनाओं पर काबू पाने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। हालांकि वन विभाग ने फायर सीजन के चलते वन कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगाई है, बावजूद इसके घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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धरातल पर नहीं उतरी ड्रोन तकनीक, दहक रहे जंगल
जंगलों की आग को बुझाने के लिए प्रदेश सरकार की ड्रोन तकनीक धरातल पर नहीं उतरी है। इस कारण जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। हालांकि वन विभाग ने स्थानीय स्तर पर आग को बुझाने के लिए युवा और महिला मंडलों का सहयोग मांगा था, परंतु धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। उधर, वन विभाग कुल्लू के वन मंडलाधिकारी एंजल चौहान ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमों को भेजा है। स्थानीय लोगों की मदद से काबू पाया जा रहा है।
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हैरतअंगेज है कि शहर के साथ लगते जंगल में आग भड़की हुई है, लेकिन मुख्यालय में विभागों के कार्यालय होने के बाद भी आग को बुझाने का प्रयास नहीं किया गया। इस कारण देवदार के कई बड़े और छोटे पेड़ जंगल की आग की चपेट में आकर जल गए।
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ग्रामीण दिनेश कुमार, सुरेश कमार, तानिश ठाकुर, भीमसेन, आलम चंद और सुनील ने बताया कि फायर सीजन होने के बाद जंगलों में लगातार आग भड़क रही है। इससे ग्रामीणों को खतरा सता रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग आग की घटनाओं पर काबू पाने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। हालांकि वन विभाग ने फायर सीजन के चलते वन कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगाई है, बावजूद इसके घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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धरातल पर नहीं उतरी ड्रोन तकनीक, दहक रहे जंगल
जंगलों की आग को बुझाने के लिए प्रदेश सरकार की ड्रोन तकनीक धरातल पर नहीं उतरी है। इस कारण जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। हालांकि वन विभाग ने स्थानीय स्तर पर आग को बुझाने के लिए युवा और महिला मंडलों का सहयोग मांगा था, परंतु धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। उधर, वन विभाग कुल्लू के वन मंडलाधिकारी एंजल चौहान ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमों को भेजा है। स्थानीय लोगों की मदद से काबू पाया जा रहा है।