फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Forest mafia again cut a dozen green trees

वन माफिया ने फिर काटे एक दर्जन हरे-भरे पेड़

Wed, 09 Jun 2021 10:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 10:21 PM IST
विज्ञापन
Forest mafia again cut a dozen green trees
कुल्लू। जिला कुल्लू के शमशी में वन विभाग की हुरला रेंज की नरैश बीट में अवैध कटान नहीं थम रहा है। पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। इसे वन विभाग भी नहीं रोक पा रहा है। जानकारी के अनुसार वन माफिया ने करीब एक दर्जन से अधिक देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है। जंगल में हुए पेड़ कटान में वन विभाग के कर्मचारियों पर माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।
विज्ञापन

नरैश बीट के जंगल में जगह-जगह देवदार के बड़े व छोटे पेड़ों को काटा गया है। इसकी शिकायत वन विभाग शमशी को मिली है। विभाग की एक टीम ने मौके का दौरा किया है। टीम ने लकड़ी भी बरामद की है। अब वन विभाग ने जंगल में काटे पेड़ों को लेकर पुलिस थाना भुंतर में केस दर्ज करवाया है। हालांकि कटान किसने किया, इसको लेकर वन विभाग की टीम जांच कर रही है। लेकिन अब मामला पुलिस के पास पहुंचने से वन माफिया में हड़कंप मच गया है। पार्वती वन क्षेत्र में लगातार हो रहे वन कटान को लेकर कार्रवाई की मांग की जा रही है। डीएफओ शमशी एश्वर्य राज ने कहा कि विभाग ने मौके का दौरा किया है। सात पेड़ काटे हुए पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने कुछ लकड़ियां भी बरामद कर ली हैं। इसको लेकर भुंतर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया गया है। वन विभाग भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है। आरओ से इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। अगर इसमें वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी शामिल पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed