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Kullu News: कम जवान, लाखों की भीड़, दशहरा में सुरक्षा की भी परीक्षा
Mon, 29 Sep 2025 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:30 PM IST
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कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए देव स्थलों की सफाई करने में जुटे देवलू।-संवाद
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पुलिस की कटौती से दशहरा उत्सव में कैसे होगी देवी-देवताओं की सुरक्षा
जेबकतरों और चोरी की घटनाएं रोकने के साथ ट्रैफिक नियंत्रण होगा चुनौती
1200 की जगह मिले 600 जवान, खराब सड़कें भी लेंगी पुलिस की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इस बार दशहरा में आस्था का महाकुंभ तो सजेगा लेकिन सुरक्षा का घेरे कमजोर हो सकता है। जहां हर साल 1200 पुलिस जवानों की तैनाती होती थी, वहां इस बार केवल 600 जवानों से ही काम चलाने की तैयारी है।
लाखों की भीड़, देव रथों की सुरक्षा, जेबकतरों पर निगरानी और ट्रैफिक जाम जैसी तमाम जिम्मेदारियों के बीच पुलिस बल में भारी कटौती कई सवाल खड़े कर रही है। खराब सड़कों और बढ़ती सैलानी भीड़ ने इस चुनौती को और गंभीर बना दिया है।
देवी-देवताओं के महाकुंभ के लिए करीब 50 फीसदी पुलिस जवानों की कमी से देवी-देवताओं की सुरक्षा कैसे होगी। खराब सड़कों में यातायात बहाल करना आसान नहीं है। आठ दिनों तक मनाए जाने वाले दशहरा में रोजाना लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। लोगाें की सुरक्षा के साथ जेबकतरों और चोरी जैसी वारदातों को रोकना भी चुनौती रहेगी। दशहरा में निरमंड-आनी से लेकर बंजार, सैंज, गड़सा, तीर्थन, मणिकर्ण, महाराजा, खराहल और ऊझी घाटी के लगभग 300 से अधिक देव रथ भाग लेते हैं। सोने-चांदी के देव रथों की सुरक्षा पुलिस को रात-दिन करनी पड़ती है। छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। दशहरा और दिवाली पर घाटी में सैलानियों की भी अच्छी खासी भीड़ रहती है। कुल्लू से मनाली तक हाईवे तीन की हालत खस्ता है। इस बीच लोग सवाल उठा रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में पुलिस की संख्या कम करना उचित नहीं है।
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जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, कारदार भागे राम, इंद्र सिंह, शेर सिंह, अमर सिंह ने कहा कि दशहरा की सुरक्षा का पूरा जिम्मा पुलिस का है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पुलिस के जवानों की कटौती करना ठीक नहीं है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
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दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं और आम लोगों की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। उत्सव में पुलिस जवानों की कमी को लेकर डीजीपी से बात की जाएगी। - सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक एवं अध्यक्ष दशहरा उत्सव समिति कुल्लू
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जेबकतरों और चोरी की घटनाएं रोकने के साथ ट्रैफिक नियंत्रण होगा चुनौती
1200 की जगह मिले 600 जवान, खराब सड़कें भी लेंगी पुलिस की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इस बार दशहरा में आस्था का महाकुंभ तो सजेगा लेकिन सुरक्षा का घेरे कमजोर हो सकता है। जहां हर साल 1200 पुलिस जवानों की तैनाती होती थी, वहां इस बार केवल 600 जवानों से ही काम चलाने की तैयारी है।
लाखों की भीड़, देव रथों की सुरक्षा, जेबकतरों पर निगरानी और ट्रैफिक जाम जैसी तमाम जिम्मेदारियों के बीच पुलिस बल में भारी कटौती कई सवाल खड़े कर रही है। खराब सड़कों और बढ़ती सैलानी भीड़ ने इस चुनौती को और गंभीर बना दिया है।
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देवी-देवताओं के महाकुंभ के लिए करीब 50 फीसदी पुलिस जवानों की कमी से देवी-देवताओं की सुरक्षा कैसे होगी। खराब सड़कों में यातायात बहाल करना आसान नहीं है। आठ दिनों तक मनाए जाने वाले दशहरा में रोजाना लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। लोगाें की सुरक्षा के साथ जेबकतरों और चोरी जैसी वारदातों को रोकना भी चुनौती रहेगी। दशहरा में निरमंड-आनी से लेकर बंजार, सैंज, गड़सा, तीर्थन, मणिकर्ण, महाराजा, खराहल और ऊझी घाटी के लगभग 300 से अधिक देव रथ भाग लेते हैं। सोने-चांदी के देव रथों की सुरक्षा पुलिस को रात-दिन करनी पड़ती है। छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। दशहरा और दिवाली पर घाटी में सैलानियों की भी अच्छी खासी भीड़ रहती है। कुल्लू से मनाली तक हाईवे तीन की हालत खस्ता है। इस बीच लोग सवाल उठा रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में पुलिस की संख्या कम करना उचित नहीं है।
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जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, कारदार भागे राम, इंद्र सिंह, शेर सिंह, अमर सिंह ने कहा कि दशहरा की सुरक्षा का पूरा जिम्मा पुलिस का है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पुलिस के जवानों की कटौती करना ठीक नहीं है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं और आम लोगों की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। उत्सव में पुलिस जवानों की कमी को लेकर डीजीपी से बात की जाएगी। - सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक एवं अध्यक्ष दशहरा उत्सव समिति कुल्लू