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Kullu News: क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भटक रहे आंखों के मरीज
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स्वास्थ्य
विशेषज्ञ डॉक्टर के मातृत्व अवकाश पर होने से बढ़ी परेशानी
कई मरीज निजी क्लीनिकों का रुख करने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात नेत्र रोग की डॉक्टर मातृत्व अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर विभाग की ओर से विकल्प के तौर पर किसी दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे अस्पताल में आने वाले आंख के रोगियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेत्र रोगी सोहन लाल, ललिता ठाकुर, पवन कुमार, संतोष आदि का कहना है कि वे अपनी आंख की जांच करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे थे लेकिन यहां डॉक्टर के छुट्टी पर होने के कारण उन्हें बिना उपचार के लौटना पड़ा है। हालांकि, सामान्य तौर पर आंखों की जांच की जा रही है लेकिन डॉक्टर के स्तर पर होने वाली जांच नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को निजी क्लीनिकों को रुख करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि हालांकि नेत्र रोग डॉक्टर का मातृत्व अवकाश भी जरूरी है लेकिन उनके स्थान पर अस्पताल प्रबंधन को तब तक किसी दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था करनी चाहिए थी जिससे मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़ता।
मरीजों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ सरकार और स्वास्थ्य निदेशक हिमाचल प्रदेश से मांग की है कि जब तक नेत्र रोग डॉक्टर मातृत्व अवकाश से नहीं लौटतीं, तब तक किसी दूसरे डॉक्टर की तैनाती की जाए। गौरतलब है कि नेत्र रोग डॉक्टर तीन माह से मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं और आने वाले करीब तीन महीनों तक अभी अवकाश शेष है। ऐसे में आने वाले समय में भी मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मरीजों ने सरकार से आग्रह किया है कि इस दिशा में उचित प्रयास कर किसी दूसरे डॉक्टर को तैनात किया जाए। जिला अस्पताल में एक मात्र विशेषज्ञ होने से चार जिलों के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उधर, कार्यकारी एमएस डॉ. हीरा लाल का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से नेत्र रोगियाें को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है और आने वाले समय में भी उन्हें सुविधा देने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
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विशेषज्ञ डॉक्टर के मातृत्व अवकाश पर होने से बढ़ी परेशानी
कई मरीज निजी क्लीनिकों का रुख करने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात नेत्र रोग की डॉक्टर मातृत्व अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर विभाग की ओर से विकल्प के तौर पर किसी दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे अस्पताल में आने वाले आंख के रोगियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेत्र रोगी सोहन लाल, ललिता ठाकुर, पवन कुमार, संतोष आदि का कहना है कि वे अपनी आंख की जांच करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे थे लेकिन यहां डॉक्टर के छुट्टी पर होने के कारण उन्हें बिना उपचार के लौटना पड़ा है। हालांकि, सामान्य तौर पर आंखों की जांच की जा रही है लेकिन डॉक्टर के स्तर पर होने वाली जांच नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को निजी क्लीनिकों को रुख करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि हालांकि नेत्र रोग डॉक्टर का मातृत्व अवकाश भी जरूरी है लेकिन उनके स्थान पर अस्पताल प्रबंधन को तब तक किसी दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था करनी चाहिए थी जिससे मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़ता।
मरीजों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ सरकार और स्वास्थ्य निदेशक हिमाचल प्रदेश से मांग की है कि जब तक नेत्र रोग डॉक्टर मातृत्व अवकाश से नहीं लौटतीं, तब तक किसी दूसरे डॉक्टर की तैनाती की जाए। गौरतलब है कि नेत्र रोग डॉक्टर तीन माह से मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं और आने वाले करीब तीन महीनों तक अभी अवकाश शेष है। ऐसे में आने वाले समय में भी मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मरीजों ने सरकार से आग्रह किया है कि इस दिशा में उचित प्रयास कर किसी दूसरे डॉक्टर को तैनात किया जाए। जिला अस्पताल में एक मात्र विशेषज्ञ होने से चार जिलों के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उधर, कार्यकारी एमएस डॉ. हीरा लाल का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से नेत्र रोगियाें को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है और आने वाले समय में भी उन्हें सुविधा देने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
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