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Kullu News: जीत के बाद भी सत्ता से दूर नप मनाली के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
Mon, 23 Dec 2024 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 23 Dec 2024 10:35 PM IST
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22 दिन बाद भी नहीं हुई शपथ, 105 दिन से लटका विकास
पहले चुनाव और अब शपथ करवाने में यूडी की लेटलतीफी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। जो जीता वो सिकंदर...यह कहावत नगर परिषद मनाली में उल्टी हो गई है। चुनाव जीतने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सत्ता से दूर हैं। चुनाव हुए 22 दिन बीत गए हैं। शहरी विकास विभाग (यूडी) शपथ नहीं करवा रहा। चर्चा है कि पहले राजनीतिक दबाव के कारण पहले चुनाव करवाने में देरी हुई, अब शपथ करवाने में लेटलतीफी हो रही है।
नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 29 नवंबर को हुआ है। चार-चार मत मिलने के बाद पर्ची से मनोज लारजे अध्यक्ष बने। सुनीता निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं। अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने शपथ नहीं ली है। दोनों अपने पदभार नहीं संभाल पर रहे। इससे मनाली के विकास कार्य शुरू नहीं हो रहे हैं। लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन और प्रमाण पत्र बनाने में भी दिक्कतें हो रही हैं।
नगर परिषद में चार पार्षदों ने चमन कपूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। नौ सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद 29 नवंबर को चुनाव हुए थे। अविश्वास प्रस्ताव लेकर अब तक लगभग 105 दिन बीत गए हैं।
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नगर परिषद की जनरल हाउस की बैठक नहीं हो पाई है। चुनाव संपन्न होने की रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेजने के बाद कोई जवाब नहीं आया है। न शपथ के लिए तिथि तय की गई है।
उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया ने बताया कि चुनाव संपन्न होने की रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेज दी है। विभाग के आदेश के बाद ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
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अध्यक्ष मनोज लारजे ने कहा कि मनाली के लोगों को विश्वास में लेकर गैर राजनीतिक तरीके से अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से जुड़े पार्षद शामिल थे। बाद में तुच्छ राजनीति का दखल बढ़ गया। जो अभी तक जारी है। इससे मनाली का विकास थम गया है।
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शहरी भाजपा के अध्यक्ष अजय अबरोल ने कहा कि चुनाव का प्रकाशन गजट में भी हो गया है। बावजूद इसके शपथ नहीं करवाना राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है। शपथ क्यों नहीं हो रही, इसके पीछे क्या मंशा है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
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मंजीत सिंह गुलाठी ने कहा कि मनाली के विकास और जनता के कार्यों को देखते हुए विलंब शपथ करवाई जानी चाहिए। आज तक कहीं भी चुनाव के बाद शपथ समारोह करवाने में इतनी देर नहीं हुई।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि मनाली शहर में हाल खराब है। बिना पंजीकरण जहां जगह मिली अपनी दुकानदारी चला रहा है। मालरोड में चलती फिरती दुकानों से स्थानीय दुकानदार मंदी झेल रहे हैं। प्रशासन और नगर परिषद में कोई सुनने वाला नहीं है।
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पहले चुनाव और अब शपथ करवाने में यूडी की लेटलतीफी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। जो जीता वो सिकंदर...यह कहावत नगर परिषद मनाली में उल्टी हो गई है। चुनाव जीतने के बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सत्ता से दूर हैं। चुनाव हुए 22 दिन बीत गए हैं। शहरी विकास विभाग (यूडी) शपथ नहीं करवा रहा। चर्चा है कि पहले राजनीतिक दबाव के कारण पहले चुनाव करवाने में देरी हुई, अब शपथ करवाने में लेटलतीफी हो रही है।
नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 29 नवंबर को हुआ है। चार-चार मत मिलने के बाद पर्ची से मनोज लारजे अध्यक्ष बने। सुनीता निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं। अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने शपथ नहीं ली है। दोनों अपने पदभार नहीं संभाल पर रहे। इससे मनाली के विकास कार्य शुरू नहीं हो रहे हैं। लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन और प्रमाण पत्र बनाने में भी दिक्कतें हो रही हैं।
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नगर परिषद में चार पार्षदों ने चमन कपूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। नौ सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद 29 नवंबर को चुनाव हुए थे। अविश्वास प्रस्ताव लेकर अब तक लगभग 105 दिन बीत गए हैं।
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नगर परिषद की जनरल हाउस की बैठक नहीं हो पाई है। चुनाव संपन्न होने की रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेजने के बाद कोई जवाब नहीं आया है। न शपथ के लिए तिथि तय की गई है।
उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी करुण भरमौरिया ने बताया कि चुनाव संपन्न होने की रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेज दी है। विभाग के आदेश के बाद ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
अध्यक्ष मनोज लारजे ने कहा कि मनाली के लोगों को विश्वास में लेकर गैर राजनीतिक तरीके से अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से जुड़े पार्षद शामिल थे। बाद में तुच्छ राजनीति का दखल बढ़ गया। जो अभी तक जारी है। इससे मनाली का विकास थम गया है।
शहरी भाजपा के अध्यक्ष अजय अबरोल ने कहा कि चुनाव का प्रकाशन गजट में भी हो गया है। बावजूद इसके शपथ नहीं करवाना राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है। शपथ क्यों नहीं हो रही, इसके पीछे क्या मंशा है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
मंजीत सिंह गुलाठी ने कहा कि मनाली के विकास और जनता के कार्यों को देखते हुए विलंब शपथ करवाई जानी चाहिए। आज तक कहीं भी चुनाव के बाद शपथ समारोह करवाने में इतनी देर नहीं हुई।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने बताया कि मनाली शहर में हाल खराब है। बिना पंजीकरण जहां जगह मिली अपनी दुकानदारी चला रहा है। मालरोड में चलती फिरती दुकानों से स्थानीय दुकानदार मंदी झेल रहे हैं। प्रशासन और नगर परिषद में कोई सुनने वाला नहीं है।