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बारिश से सड़ गया किसानों का 50 फीसदी मटर

Mon, 22 Nov 2021 11:09 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 11:09 PM IST
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Due to heavy rain, 50 percent peas rotted in the fields
कुल्लू। जिले में मटर का सीजन सिमट गया है, लेकिन इस बार बरसात के चलते मटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। करीब 50 फीसदी मटर की फसल अंकुरित होने से पहले ही खेतों में सड़ गई। इससे जिले के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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किसानों ने सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है। जिला कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में मटर की खेती बड़े पैमाने पर की थी। किसानों ने इस बार पिछले साल के मुकाबले चार से पांच गुना अधिक बिजाई की थी। किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद थी। कई किसानों ने खतों को लीज पर लेकर मटर की बिजाई की थी, मगर जुलाई और अगस्त में हुई बारिश से मटर का बीज जमीन में सड़ गया। किसानों ने 200 से 400 रुपये किलो रेट पर बीज की खरीद की थी, लेकिन मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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किसान सुंदर सिंह, रमेश चंद, सोहन लाल, खेमराज, केसर सिंह, धर्म सिंह, बालक राम तथा आलम चंद ने कहा कि घाटी के किसानों ने जुलाई और अगस्त में मटर की बिजाई की थी। नगदी फसल होने से किसानों ने 40 किलो से लेकर तीन से चार क्विंटल तक बिजाई कर रखी थी। कोरोना में लोगों का फोकस भी कृषि और बागवानी पर अधिक हो गया है, लेकिन इस दौरान बरसात की बारिश से बीज खेतों में ही सड़ गया।
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उन्होंने कहा कि किसानों को करीब 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। हालांकि, मंडियों में मटर का रेट अच्छा मिला है। उन्होंने सरकार और कृषि विभाग से प्रभावित किसानों को मटर के नुकसान की भरपाई की मांग की है। उधर, कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक पंजवीर ठाकुर ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट शिमला भेज दी है।
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