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सूखे की मार, खेतों में पीली पड़ने लगी लहसुन की फसल
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तापमान बढ़ने से सूखे से पीली पड़ने लगी लहसुन। संवाद
- फोटो : Kullu
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कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू में मार्च में पर्याप्त बारिश न होने से खेतों में नमी बहुत कम हो गई। इससे सूखे के चलते लहसुन पीली पड़ने लगी है। अब किसानों की चिंता फसल के प्रति बढ़ने लगी है।
जिले में लहसुन की पैदावार बड़े पैमाने पर हो रही है। सैकड़ों किसान खेती कर आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। इस बार लहसुन 100 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिका है। कुल्लू के निचले इलाकों में लहसुन का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। जिले की 1500 हेक्टेयर जमीन पर इसका उत्पादन किया जा रहा है। किसानों ने खेतों में पार्वती-313 वैरायटी का लहसुन अधिक उगाया है। एक माह से जिले में बारिश न होने से नकदी फसल पीली पड़ने लगी है। इससे फसल पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि जल्द बारिश नहीं होती है तो असिंचित क्षेत्रों में फसल को अधिक नुकसान होगा। किसान अमित, ज्ञान ठाकुर, अनूप ठाकुर, जय चंद, कर्मचंद, बुद्धि प्रकाश और अनूप भंडारी ने कहा कि सूखे के कारण लहसुन के पौधे पीले होने के कगार पर है। कुछ दिनों में बारिश नहीं होती है तो फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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लहसुन पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
किसान सभा कुल्लू के उपाध्यक्ष देव राज नेगी ने कहा कि सूखे से लहसुन खेतों में पीली पड़ गई है। अगर समय पर बारिश नहीं होती है तो फसल को अधिक क्षति हो जाएगी। इससे फसल के उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. पंजवीर ठाकुर ने बताया कि समय पर बारिश नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इससे लहसुन सहित अन्य फसल भी प्रभावित हो रही है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में किसान सिंचाई करें। इससे पौधों पर नकारात्मक असर नहीं होगा।
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जिले में लहसुन की पैदावार बड़े पैमाने पर हो रही है। सैकड़ों किसान खेती कर आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। इस बार लहसुन 100 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिका है। कुल्लू के निचले इलाकों में लहसुन का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। जिले की 1500 हेक्टेयर जमीन पर इसका उत्पादन किया जा रहा है। किसानों ने खेतों में पार्वती-313 वैरायटी का लहसुन अधिक उगाया है। एक माह से जिले में बारिश न होने से नकदी फसल पीली पड़ने लगी है। इससे फसल पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।
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किसानों का कहना है कि जल्द बारिश नहीं होती है तो असिंचित क्षेत्रों में फसल को अधिक नुकसान होगा। किसान अमित, ज्ञान ठाकुर, अनूप ठाकुर, जय चंद, कर्मचंद, बुद्धि प्रकाश और अनूप भंडारी ने कहा कि सूखे के कारण लहसुन के पौधे पीले होने के कगार पर है। कुछ दिनों में बारिश नहीं होती है तो फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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लहसुन पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
किसान सभा कुल्लू के उपाध्यक्ष देव राज नेगी ने कहा कि सूखे से लहसुन खेतों में पीली पड़ गई है। अगर समय पर बारिश नहीं होती है तो फसल को अधिक क्षति हो जाएगी। इससे फसल के उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। कृषि विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. पंजवीर ठाकुर ने बताया कि समय पर बारिश नहीं होने से सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इससे लहसुन सहित अन्य फसल भी प्रभावित हो रही है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में किसान सिंचाई करें। इससे पौधों पर नकारात्मक असर नहीं होगा।
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