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Kullu News: मकानों के साथ जल गए सपने, सूई तक नहीं निकाल पाए लोग
Thu, 02 Jan 2025 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 02 Jan 2025 10:26 PM IST
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आंखों में आंसुओं के साथ दिन भर राख के ढेर में सामान की तलाश करते रहे प्रभावित परिवार
सोने-चांदी के गहनों, राशन और अन्य सामान के साथ जिंदगी भर की पूंजी भी जलकर राख
रोशन ठाकुर
कुल्लू। बंजार उपमंडल का तांदी गांव... जल चुके मकानों से उठता धुआं और आंखों में बहते आंसुओं के साथ राख के ढेर में सामान की तलाश करते लोग। कुछ इस तरह ही प्रभावित परिवारों का वीरवार का दिन बीता। जिंदगी भर की पूंजी आग की भेंट चढ़ जाने से लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्हें ढांढस बंधाने आ रहे लोग भी प्रभावितों का दर्द देखकर आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। हर आंख नम है। प्रभावित परिवार एकटक राख बने मकानों को ही देखते जा रहे थे। जल गए मकानों में सामान की तलाश करते लोगों ने शायद ही कभी सोचा होगा कि नए साल का पहला उनकी खुशियों को चंद लम्हों में ही गम में बदल देगा। लोग तन पर पहने कपड़ों के सिवाय घर से एक सूई तक नहीं निकाल पाए। घर में रखे सोने-चांदी के आभूषणों समेत राशन, बर्तन और लाखों का सामान देखते ही देखते स्वाह हो गया।
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आग फैलाने में घी का काम कर गई आग
तांदी गांव के बीचोंबीच पशुधन के लिए रखी घास ने आग फैलने के लिए घी का काम किया। अग्निकांड में 17 मकान और छह गोशालाएं जलकर राख हो गई हैं। खेत-खलिहान में काम करने गए तीन भाई कुछ भी नहीं बचा पाए। परिवार के लोग तन पर पहने कपड़ों के सिवाय घर से एक सुई तक नहीं निकाल पाए। लोत राम, दीनानाथ और खेम चंद का इस अग्निकांड में सब कुछ राख हो गया है।
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कुछ नहीं कर पाए, बेबस होकर देखते रहे मंजर
जिंदगी भर के पूंजी के साथ पुश्तैनी घर जलने से दो भाइयों को परिवार सदमे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह सब कुछ कैसे हो गया। लोत राम, दीनानाथ और खेम चंद ने कहा कि जब उन्हें गांव में आग लगने की सूचना मिली तो मौके पर पहुंचने तक उनका चार मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया था। आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया था। वह बेबस होकर कुछ भी नहीं कर पाए। घर में रखे बर्तन, आभूषण और राशन देखते ही देखते स्वाह हो गया।
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पुश्तैनी घर जला, सता रही भविष्य की चिंता
प्रभावित खेम चंद ने कहा कि सबसे पहले आग उनके घर के साथ एक पड़ाछे से लगी। यहां से आग लगभग पूरे गांव में फैल गई थी। अपने अंदर दुखों को पहाड़ समेटे तीनों भाईयों को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। पुश्तैनी घर आग के राख होने के बाद अब नया आशियाने बसाने को लेकर परेशान हैं। उधर, बंजार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजा ठाकुर भी मौके पर लोगों का दर्द जानने के लिए पहुंचे हैं।
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बेटी ने फोन पर दी सूचना, पहुंचीं तो जल गया था आशियाना
कुल्लू। राख के ढेर में बदले तांदी गांव के प्रभावित लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है। खासकर महिलाएं अपने आंसू नहीं रोक पा रही हैं। उनकी खामोशी और आंखों से टपकते आंसुओं को देखकर उनका ढांढस देने पहुंच रहे लोगों की आंखें भी नम हो रही हैं। सगे-संबंधी और रिश्तेदार बड़ी संख्या में गांव पहुंचकर अपनों को ढांढस देने के लिए पहुंच रहे हैं, मगर आग से हुई तबाही के मंजर को देखकर वह भी हैरान हैं। लड़खड़ाती आवाज और आंखों में आंसू के बीच प्रभावित पवना देवी ने कहा कि वह खेत में काम करने गई थी तो बेटी ने फोन कर आग लगने की सूचना दी। जब वह खेत से गांव पहुंची तो उनका घर जल जल चुका था। प्रभावित लोगों ने सर्दी के मौसम में अब सरकार से हर संभव मदद करने की गुहार लगाई है।
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सोने-चांदी के गहनों, राशन और अन्य सामान के साथ जिंदगी भर की पूंजी भी जलकर राख
रोशन ठाकुर
कुल्लू। बंजार उपमंडल का तांदी गांव... जल चुके मकानों से उठता धुआं और आंखों में बहते आंसुओं के साथ राख के ढेर में सामान की तलाश करते लोग। कुछ इस तरह ही प्रभावित परिवारों का वीरवार का दिन बीता। जिंदगी भर की पूंजी आग की भेंट चढ़ जाने से लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्हें ढांढस बंधाने आ रहे लोग भी प्रभावितों का दर्द देखकर आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। हर आंख नम है। प्रभावित परिवार एकटक राख बने मकानों को ही देखते जा रहे थे। जल गए मकानों में सामान की तलाश करते लोगों ने शायद ही कभी सोचा होगा कि नए साल का पहला उनकी खुशियों को चंद लम्हों में ही गम में बदल देगा। लोग तन पर पहने कपड़ों के सिवाय घर से एक सूई तक नहीं निकाल पाए। घर में रखे सोने-चांदी के आभूषणों समेत राशन, बर्तन और लाखों का सामान देखते ही देखते स्वाह हो गया।
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आग फैलाने में घी का काम कर गई आग
तांदी गांव के बीचोंबीच पशुधन के लिए रखी घास ने आग फैलने के लिए घी का काम किया। अग्निकांड में 17 मकान और छह गोशालाएं जलकर राख हो गई हैं। खेत-खलिहान में काम करने गए तीन भाई कुछ भी नहीं बचा पाए। परिवार के लोग तन पर पहने कपड़ों के सिवाय घर से एक सुई तक नहीं निकाल पाए। लोत राम, दीनानाथ और खेम चंद का इस अग्निकांड में सब कुछ राख हो गया है।
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कुछ नहीं कर पाए, बेबस होकर देखते रहे मंजर
जिंदगी भर के पूंजी के साथ पुश्तैनी घर जलने से दो भाइयों को परिवार सदमे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह सब कुछ कैसे हो गया। लोत राम, दीनानाथ और खेम चंद ने कहा कि जब उन्हें गांव में आग लगने की सूचना मिली तो मौके पर पहुंचने तक उनका चार मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया था। आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया था। वह बेबस होकर कुछ भी नहीं कर पाए। घर में रखे बर्तन, आभूषण और राशन देखते ही देखते स्वाह हो गया।
पुश्तैनी घर जला, सता रही भविष्य की चिंता
प्रभावित खेम चंद ने कहा कि सबसे पहले आग उनके घर के साथ एक पड़ाछे से लगी। यहां से आग लगभग पूरे गांव में फैल गई थी। अपने अंदर दुखों को पहाड़ समेटे तीनों भाईयों को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। पुश्तैनी घर आग के राख होने के बाद अब नया आशियाने बसाने को लेकर परेशान हैं। उधर, बंजार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजा ठाकुर भी मौके पर लोगों का दर्द जानने के लिए पहुंचे हैं।
बेटी ने फोन पर दी सूचना, पहुंचीं तो जल गया था आशियाना
कुल्लू। राख के ढेर में बदले तांदी गांव के प्रभावित लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है। खासकर महिलाएं अपने आंसू नहीं रोक पा रही हैं। उनकी खामोशी और आंखों से टपकते आंसुओं को देखकर उनका ढांढस देने पहुंच रहे लोगों की आंखें भी नम हो रही हैं। सगे-संबंधी और रिश्तेदार बड़ी संख्या में गांव पहुंचकर अपनों को ढांढस देने के लिए पहुंच रहे हैं, मगर आग से हुई तबाही के मंजर को देखकर वह भी हैरान हैं। लड़खड़ाती आवाज और आंखों में आंसू के बीच प्रभावित पवना देवी ने कहा कि वह खेत में काम करने गई थी तो बेटी ने फोन कर आग लगने की सूचना दी। जब वह खेत से गांव पहुंची तो उनका घर जल जल चुका था। प्रभावित लोगों ने सर्दी के मौसम में अब सरकार से हर संभव मदद करने की गुहार लगाई है।