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Kullu News: बंजार में 172 वन अधिकार समितियों के दावे स्वीकृत
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वन अधिकार अधिनियम 2006 को लागू करने की दिशा में हुई प्रगति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। वन अधिकार अधिनियम-2006 को बंजार उपमंडल में धरातल पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उपमंडल की 238 वन अधिकार समितियों में से 172 के सामुदायिक वन अधिकार दावे स्वीकृत हो चुके हैं और उन्हें सामुदायिक अधिकार पत्र भी मिल गए हैं।
वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहारा संस्था करीब दस वर्षों से ग्रामीण समुदायों के साथ काम कर रही है। संस्था के निदेशक राजेंद्र चौहान ने बताया कि 172 समितियों को सामुदायिक वन अधिकार मिलना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अधिकारों से जुड़े अंतिम सामूहिक निर्णय उपमंडल और जिला स्तरीय समितियों के गठन के बाद लिए जाएंगे। उपमंडल स्तरीय समिति की अध्यक्षता एसडीएम बंजार और जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू करेंगे। फिलहाल दोनों समितियों का गठन होना बाकी है।
सहारा संस्था और एसडीएम बंजार के बीच हुई बातचीत में अधिकार पत्रों के वितरण और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी इसी व्यवस्था के तहत काम करने पर चर्चा हुई है। गत दिनों देवसदन में आयोजित कारदार संघ के महासम्मेलन में सहारा संस्था ने वन अधिकार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी थी। कारदारों को बताया गया कि स्थानीय समुदायों के पारंपरिक और देव परंपराओं से जुड़े अधिकारों को कानून के तहत दर्ज करवाने की प्रक्रिया क्या है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। वन अधिकार अधिनियम-2006 को बंजार उपमंडल में धरातल पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उपमंडल की 238 वन अधिकार समितियों में से 172 के सामुदायिक वन अधिकार दावे स्वीकृत हो चुके हैं और उन्हें सामुदायिक अधिकार पत्र भी मिल गए हैं।
वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहारा संस्था करीब दस वर्षों से ग्रामीण समुदायों के साथ काम कर रही है। संस्था के निदेशक राजेंद्र चौहान ने बताया कि 172 समितियों को सामुदायिक वन अधिकार मिलना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि अधिकारों से जुड़े अंतिम सामूहिक निर्णय उपमंडल और जिला स्तरीय समितियों के गठन के बाद लिए जाएंगे। उपमंडल स्तरीय समिति की अध्यक्षता एसडीएम बंजार और जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू करेंगे। फिलहाल दोनों समितियों का गठन होना बाकी है।
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सहारा संस्था और एसडीएम बंजार के बीच हुई बातचीत में अधिकार पत्रों के वितरण और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी इसी व्यवस्था के तहत काम करने पर चर्चा हुई है। गत दिनों देवसदन में आयोजित कारदार संघ के महासम्मेलन में सहारा संस्था ने वन अधिकार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी थी। कारदारों को बताया गया कि स्थानीय समुदायों के पारंपरिक और देव परंपराओं से जुड़े अधिकारों को कानून के तहत दर्ज करवाने की प्रक्रिया क्या है। संवाद
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