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चिकित्सक की पर्ची के बिना न बेचें एच-1 श्रेणी की दवाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। चिकित्सक की पर्ची के बिना दवा विक्रेता एच-1 श्रेणी की दवाओं का विक्रय न करें। दर्द निवारक, जीवन रक्षक दवाओं का इस्तेमाल लोग खासकर युवा नशे के रूप में कर रहे हैं। दवा विक्रेताओं का जागरूक होना अति आवश्यक है, जिससे युवाओं को नशे से बचाया जा सके।
यह बात सहायक दवा नियंत्रक (मंडी) कमलेश नायक ने कही। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हिमाचल समेत जिला कुल्लू को नशा मुक्त बनाने के लिए दवा विक्रेताओं की विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए अपने विचार साझा किए। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक परामर्श के उपभोक्ताओं को दवा विक्रय न करने का निर्णय भी लिया।
सहायक दवा नियंत्रक (मंडी) कमलेश नायक ने कहा कि वर्तमान में युवाओं के नशे की चपेट में आने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। युवा एच-1 दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं। इस विकराल होती समस्या पर विराम लगाने में दवा विक्रेता अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में इस दिशा में दवा विक्रेताओं को ही पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता बिना पर्ची की शेड्यूल एच-1 दवाओं की बिक्री किसी भी हाल में न करें। इसके अलावा बेची गई दवाओं का पूरा लेखा-जोखा रखें। उधर, दवा विक्रेता संघ कुल्लू के जिलाध्यक्ष ऋषभ कालिया ने कहा कि शुक्रवार को सहायक दवा नियंत्रक के साथ विशेष बैठक की गई। उन्होंने दवा विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनका जिला कुल्लू का हर एक दवा विक्रेता पालन करेगा। कहा कि नशे के खिलाफ संघ विशेष जागरूकता अभियान छेड़ेगा।
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कुल्लू। चिकित्सक की पर्ची के बिना दवा विक्रेता एच-1 श्रेणी की दवाओं का विक्रय न करें। दर्द निवारक, जीवन रक्षक दवाओं का इस्तेमाल लोग खासकर युवा नशे के रूप में कर रहे हैं। दवा विक्रेताओं का जागरूक होना अति आवश्यक है, जिससे युवाओं को नशे से बचाया जा सके।
यह बात सहायक दवा नियंत्रक (मंडी) कमलेश नायक ने कही। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हिमाचल समेत जिला कुल्लू को नशा मुक्त बनाने के लिए दवा विक्रेताओं की विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए अपने विचार साझा किए। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक परामर्श के उपभोक्ताओं को दवा विक्रय न करने का निर्णय भी लिया।
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सहायक दवा नियंत्रक (मंडी) कमलेश नायक ने कहा कि वर्तमान में युवाओं के नशे की चपेट में आने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। युवा एच-1 दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं। इस विकराल होती समस्या पर विराम लगाने में दवा विक्रेता अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में इस दिशा में दवा विक्रेताओं को ही पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता बिना पर्ची की शेड्यूल एच-1 दवाओं की बिक्री किसी भी हाल में न करें। इसके अलावा बेची गई दवाओं का पूरा लेखा-जोखा रखें। उधर, दवा विक्रेता संघ कुल्लू के जिलाध्यक्ष ऋषभ कालिया ने कहा कि शुक्रवार को सहायक दवा नियंत्रक के साथ विशेष बैठक की गई। उन्होंने दवा विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनका जिला कुल्लू का हर एक दवा विक्रेता पालन करेगा। कहा कि नशे के खिलाफ संघ विशेष जागरूकता अभियान छेड़ेगा।
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