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एक-दूसरे पर राख फेंक मनाई छार दियाली
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Fri, 15 Jan 2016 05:44 PM IST
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मणिकर्ण घाटी के पीणी में राख की होली (छार दियाली) धूमधाम से खेली गई। छार दियाली के मौके पर पीणी गांव में सैकड़ों लोगों ने माता भागासिद्ध तथा लाहुआ घोंड देवता से आशीर्वाद लिया। लोगों ने एक-दूसरे पर गुलाल की तरह राख फेंककर बुरी शक्तियों को दूर भगाया।
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वीरवार रात को देवता की सौह में गांव के लोग एकत्रित हुए। इसके बाद जागरा जलाया गया। देवता नारायण के गूर और माता भागासिद्ध के गूर ने एक-दूसरे पर राख फेंककर इस उत्सव की विधिवत शुरुआत की। इसके बाद एक दूसरे पर राख फेंकने का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने राख को गुलाल की तरह एक-दूसरे पर उड़ेला। गौरतलब है कि इस राख को लोग एक महीना पहले से ही इकट्ठा करना शुरू कर देते हैं। शुक्रवार सुबह लाहुआ घोंड देवता को माता भागासिद्ध के कोट से बाहर निकाला गया। देवता लाव लश्कर के साथ कोट से बाहर आए। इस दौरान कई लोगों ने मुखौटे पहनकर नृत्य किया। दूसरी ओर राख की होली चलती रही।
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राख फेंकने का यह क्रम दोपहर तक चलता रहा। दोपहर बाद देवता लाहुआ घोंड को वापस माता भागासिद्ध के कोट में ले जाया गया। इसके बाद छार दियाली का सिलसिला थम गया। लोगों ने देवता से सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि छार दियाली बुरी शक्तियों का नाश करने के लिए मणिकर्ण घाटी में मनाई जाती है। इससे क्षेत्र में अन्न-धन और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि बुधवार को पीणी में सदियाला उत्सव मनाया जाएगा।
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