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Kullu News: देवताओं के अस्थायी शिविरों को संवारने में जुटे देवलू
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सात दिन तक अस्थायी शिविरों में रुकेंगे सैकड़ों देवी-देवता
देवताओं के आने से पहले सफाई के लिए कुल्लू पहुंचे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सात दिन तक मनाए जाने वाले देवी-देवताओं के महाकुंभ कुल्लू दशहरा के लिए ढालपुर भी सजने लग गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की शान देवी-देवताओं के ठहरने के लिए अस्थायी शिविर भी चकाचक होने लगे हैं। देवताओं के देवलू अपने अधिष्ठाता की सेवा के लिए कुल्लू पहुंचकर उनके बैठने वाली जगह को साफ सुथरा करने में लगे हैं। दशहरा में इस बार 320 से अधिक देवी-देवताओं के आने की उम्मीद है। देवता के अस्थायी शिविरों में साफ-सफाई चकाचक हो, इसके लिए सफाई करने में देवलू जुट गए हैं। देवता के शिविर में सफाई के साथ पानी-बिजली की उचित व्यवस्था हो, इसका भी जायजा लिया जा रहा है। जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा की पहचान देवी-देवताओं से है। देश-विदेश के पर्यटकों के साथ सूबे के लोगों को एक जगह पर सैकड़ों देवी- देवताओं के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि देव शिविरों में सफाई के साथ अन्य सुविधाएं उचित हों, इसके लिए जिला प्रशासन को पहले ही अवगत करवाया गया है। देवलू भी कुल्लू पहुंचकर अपने देवताओं के ठहरने वाली जगह को संवार रहे हैं। यहां उगी घास और झाड़ियों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
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देवताओं के आने से पहले सफाई के लिए कुल्लू पहुंचे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सात दिन तक मनाए जाने वाले देवी-देवताओं के महाकुंभ कुल्लू दशहरा के लिए ढालपुर भी सजने लग गया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की शान देवी-देवताओं के ठहरने के लिए अस्थायी शिविर भी चकाचक होने लगे हैं। देवताओं के देवलू अपने अधिष्ठाता की सेवा के लिए कुल्लू पहुंचकर उनके बैठने वाली जगह को साफ सुथरा करने में लगे हैं। दशहरा में इस बार 320 से अधिक देवी-देवताओं के आने की उम्मीद है। देवता के अस्थायी शिविरों में साफ-सफाई चकाचक हो, इसके लिए सफाई करने में देवलू जुट गए हैं। देवता के शिविर में सफाई के साथ पानी-बिजली की उचित व्यवस्था हो, इसका भी जायजा लिया जा रहा है। जिला देवी देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा की पहचान देवी-देवताओं से है। देश-विदेश के पर्यटकों के साथ सूबे के लोगों को एक जगह पर सैकड़ों देवी- देवताओं के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि देव शिविरों में सफाई के साथ अन्य सुविधाएं उचित हों, इसके लिए जिला प्रशासन को पहले ही अवगत करवाया गया है। देवलू भी कुल्लू पहुंचकर अपने देवताओं के ठहरने वाली जगह को संवार रहे हैं। यहां उगी घास और झाड़ियों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।