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Kullu News: शाही स्नान के लिए देव व्यास ऋषि रवाना
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सरयोलसर में शाही स्नान को लेकर मंदिर से निकले देवता व्यास ऋषि।
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कुल्लू। रघुपुर क्षेत्र के अधिष्ठाता देवता व्यास ऋषि धार्मिक स्थल सरयोलसर में शाही स्नान करेंगे। देवता शुक्रवार सुबह करीब 11:00 बजे अपने देवालय कुईंर से पूरे लाव लश्कर के साथ रवाना हो गए हैं। देवता का पहला रात्रि ठहराव झरौण गांव में हुआ। शनिवार को देवता सुबह ही सरयोलसर के लिए प्रस्थान करेंगे। देवता के सरयोलसर में स्नान करने को लेकर कारकूनों, हारियानों और देवलुओं में खुशी की लहर है।
30 जून सुबह ही देव व्यास ऋषि माता बूढ़ी नागिन की पवित्र स्थली सरयोलसर झील में शाही स्नान करेंगे। इसके बाद देवता एक चिह्नित जगह पर जाकर शक्तियां अर्जित करेंगे। इस दौरान साक्षात रूप से देव संस्कृति के दर्शन होंगे। देवता व्यास ऋषि के दो नए छत्र तैयार किए गए हैं। एक छत्र देवता के मुख पर लगता है जिसे दो से तीन किलो चांदी से तैयार किया है। दूसरा छत्र एक विशेष कपड़े (भेरौ) का तैयार किया है, जो देवता के साथ सबसे आगे चलता है।
देवता के कारदार इंद्र सिंह, मंदिर कमेटी के सचिव ठाकुर दास वर्मा, भंडारी शेर सिंह ठाकुर, कुठैला परस राम शर्मा, पुजारी जिया लाल शर्मा, दीक्षित शर्मा और गूर ओम प्रकाश ठाकुर आदि ने कहा कि देवता शुक्रवार सुबह 11:00 बजे ढोल नगाड़ों की थाप पर धार्मिक यात्रा सरयोलसर के लिए रवाना हुए हैं। कहा कि इस धार्मिक यात्रा में देवता 30 जून को शाही स्नान करेंगे और इसी दिन अपने देवालय के लिए रवाना होंगे। संवाद
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30 जून सुबह ही देव व्यास ऋषि माता बूढ़ी नागिन की पवित्र स्थली सरयोलसर झील में शाही स्नान करेंगे। इसके बाद देवता एक चिह्नित जगह पर जाकर शक्तियां अर्जित करेंगे। इस दौरान साक्षात रूप से देव संस्कृति के दर्शन होंगे। देवता व्यास ऋषि के दो नए छत्र तैयार किए गए हैं। एक छत्र देवता के मुख पर लगता है जिसे दो से तीन किलो चांदी से तैयार किया है। दूसरा छत्र एक विशेष कपड़े (भेरौ) का तैयार किया है, जो देवता के साथ सबसे आगे चलता है।
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देवता के कारदार इंद्र सिंह, मंदिर कमेटी के सचिव ठाकुर दास वर्मा, भंडारी शेर सिंह ठाकुर, कुठैला परस राम शर्मा, पुजारी जिया लाल शर्मा, दीक्षित शर्मा और गूर ओम प्रकाश ठाकुर आदि ने कहा कि देवता शुक्रवार सुबह 11:00 बजे ढोल नगाड़ों की थाप पर धार्मिक यात्रा सरयोलसर के लिए रवाना हुए हैं। कहा कि इस धार्मिक यात्रा में देवता 30 जून को शाही स्नान करेंगे और इसी दिन अपने देवालय के लिए रवाना होंगे। संवाद
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