फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Decreased snowfall in the apple belt has caused the apple to become sick.

Kullu News: सेब बेल्ट में बर्फबारी घटने से रोगी हो गया सेब

Wed, 24 Dec 2025 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 24 Dec 2025 10:37 PM IST
विज्ञापन
Decreased snowfall in the apple belt has caused the apple to become sick.
दिसंबर में बर्फ से लकदक रहने वाले पहाड़ सूखे दिखने से बागवान चिंतित
विज्ञापन

बोले- बगीचों में नमी न होने से सेब पौधों को लग रहीं कैंकर जैसी बीमारियां
बागवानी से जुड़ी है 80 फीसदी आबादी, 27000 से अधिक हेक्टेयर में होती है पैदावार

बलदेव राज
कुल्लू। बागवानी के लिए प्रसिद्ध कुल्लू जिले में मौसम की मार सेब पर पड़ रही है। सर्दियों के दौरान पर्याप्त मात्रा में बर्फ अब नहीं गिर रही है। कभी बर्फ से लकदक रहने वाले इलाकों में दिसंबर का महीना भी सूखा रहने लगा है।
बर्फबारी सेब पौधों के लिए संजीवनी का काम करती है। कम बर्फबारी से हर साल पौधों में कैंकर जैसी कई बीमारियां लग रही हैं। इससे बागवान चिंतित हैं।
गौर रहे कि कुल्लू में 27000 से अधिक हेक्टेयर में सेब की पैदावार होती है। जिले में 80 फीसदी आबादी बागवानी से जुड़ी है। बागवानी से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार मिलता है। हालांकि वर्ष 2025 में 65 लाख पेटियों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2024 में 40 लाख सेब पेटियों का उत्पादन हुआ था।
विज्ञापन

बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि अब कुल्लू जिले में मौसम एक-दो दशक बागवानी के लिहाज से अनुकूल था। पहले दिसंबर-जनवरी में जमकर बर्फबारी होती थी। अब बर्फ कम पड़ रही है। इस बार दिसंबर में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं जबकि अगस्त में भारी बारिश से आपदा आई थी। हालांकि बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार अभी चिलिंग ऑवर्स को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--

सूखे जैसे हालात के बीच बागवान चिंतित हैं। बागवानाें को आगामी फसल की चिंता सता रही है। बागवान सूखे जैसे हालात के बीच कामकाज नहीं निपटा पा रहे हैं। बर्फबारी सेब बेल्ट के लिए संजीवनी काम करेगी। बागवानों को अभी तक निराशा हाथ लगी है। - सुनील राणा, महासचिव, फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन

--


पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के नतीजे धीेरे-धीरे सामने आने लगे हैं। जो पहाड़ दिसंबर में बर्फ से लकदक दिखते थे, वे अब सूखे नजर आ रहे हैं। इसका बागवानी और कृषि कार्यों पर भी असर पड़ेगा। पिछली साल भी काफी देरी बर्फबारी हुई थी। -किशन लाल, पर्यावरणविद
--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed