चरस तस्कर को दो साल का कारावास
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चरस तस्करी के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए स्पेशल जज वन कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने बुधवार को दो साल साधारण कारावास और तीस हजार हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया। दोषी के निश्चित समय में जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। आरोपी से पुलिस ने नाके के दौरान करीब 440 ग्राम चरस बरामद की थी। टीसीपी बजौरा में 26 सितंबर 2014 को पीएसआई महेंद्र सिंह ने अन्य पुलिस जवानों के साथ नाका लगाया हुआ था, करीब पौने सात बजे मनाली की तरफ से आ रही एक बस को चेकिंग के लिए रोका गया।
चेकिंग के दौरान पुलिस जवानों ने सीट नंबर 37 में बैठा व्यक्ति कुछ छुपाने की कोशिश करते हुए पाया। जिस पर उन्होंने तलाशी ली। लेकिन उसने जूतों के पास रखे बैग को छुपाने की कोशिश की। बैग खोलने पर लिफाफे में बॉल शेप में करीब 440 ग्राम चरस मिली। जिस पर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना भुंतर में मामला दर्ज किया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मामला कोर्ट में दायर किया गया। ट्रॉयल के निष्कर्ष में स्पेशल जज वन कुल्लू प्रेम पाल रांटा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दो साल साधारण कारावास और तीस हजार रुपये हर्जाने की सजा सुनाई। इधर, जिला अर्टानी राजेश कुमार वर्मा ने कोर्ट से चरस तस्करी के दोषी को सजा का फैसला सुनाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अभियोग पक्ष की दलीलें और नौ ग्वाहों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।