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वार्ड पंच के बेटे का शव मिलने से सेउबाग में मातम
ब्यूरो, अमर उजाला/कुल्लू
Updated Wed, 18 Nov 2015 10:28 PM IST
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खराहल (कुल्लू)। वार्ड पंच के लापता बेटे का शव मिलने से सेउबाग में मातम छा गया है। वह तीन नवंबर को लापता हो गया था। उसका शव ब्यास नदी के किनारे छरूडू नामक स्थान पर मंगलवार को मिला।
शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। बुधवार को पोस्टर्माटम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि तीन नवंबर को गाहर पंचायत के पंच सुरेश कुमार का 17 साल का बेटा अश्वनी कमरे से लापता हो गया था। गांववासियों तथा परिजनों ने उसे कई जगहों पर तलाश किया, लेकिन अश्वनी का कहीं पता नहीं चल पाया। बुधवार को सेउबाग में ब्यास नदी के किनारे सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उसका दाह संस्कार किया गया। जिगर के टुकड़े को खो देने के गम मे जहां मां बेसुध पड़ी थी, वहीं जिंदगी के आखिरी पड़ाव में सहारे की उम्मीद छूटने से बाप कुछ बोल नहीं पा रहा था।
पूर्व बीडीसी सदस्य इंद्र सिंह राणा ने कहा कि अश्वनी पढ़ाई में भी काफी होनहार था। वह जमा दो में विज्ञान संकाय में सरस्वती स्कूल बाशिंग में पढ़ाई कर रहा था। मैट्रिक में भी अश्वनी ने छात्रवृत्ति हासिल की थी। इस सदमे से पूरे गांव में मातम छा गया है। उन्हें ढांढस बंधाने वालों के भी बरबस आंसू निकल पड़े।
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शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। बुधवार को पोस्टर्माटम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि तीन नवंबर को गाहर पंचायत के पंच सुरेश कुमार का 17 साल का बेटा अश्वनी कमरे से लापता हो गया था। गांववासियों तथा परिजनों ने उसे कई जगहों पर तलाश किया, लेकिन अश्वनी का कहीं पता नहीं चल पाया। बुधवार को सेउबाग में ब्यास नदी के किनारे सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उसका दाह संस्कार किया गया। जिगर के टुकड़े को खो देने के गम मे जहां मां बेसुध पड़ी थी, वहीं जिंदगी के आखिरी पड़ाव में सहारे की उम्मीद छूटने से बाप कुछ बोल नहीं पा रहा था।
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पूर्व बीडीसी सदस्य इंद्र सिंह राणा ने कहा कि अश्वनी पढ़ाई में भी काफी होनहार था। वह जमा दो में विज्ञान संकाय में सरस्वती स्कूल बाशिंग में पढ़ाई कर रहा था। मैट्रिक में भी अश्वनी ने छात्रवृत्ति हासिल की थी। इस सदमे से पूरे गांव में मातम छा गया है। उन्हें ढांढस बंधाने वालों के भी बरबस आंसू निकल पड़े।
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