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कमीशन के खेल में चल रहा चरस का गोरखधंधा
अमर उजाला ब्यूरो ,कुल्लू।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:05 PM IST
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नशे की बड़ी खेप को इधर से उधर करने के पीछे मोटी कमीशन का खेल चलता है। जबकि भूमिगत रहते हुए सरगना धंधा करते हैं और पुलिस गिरफ्त से दूर रहते हैं। नशे के सौदागर मोटी रकम लेकर खेप इधर से उधर करने के लिए मोटी दिहाड़ी देते हैं। मलाणा क्रीम के नाम पर नेपाल समेत अन्य जगह की चरस को महंगे दामों पर बेचा जाता है।
चरस सप्लाई करने के लिए अधिकतर नेपाली मूल के लोगों का इस्तेमाल किया जाता है। जिन्हें हजारों रुपये देकर माल ठिकाने तक पहुंचाया जाता है। सीजन के दौरान मणिकर्ण और जरी क्षेत्र में नेपाली लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रैकिंग समेत रात्रि के दौरान अधिकतर चरस तस्कर खेप को ठिकाने तक पहुंचाने के लिए सक्रिय होते हैं।
सूत्र बताते हैं कि जरी और मणिकर्ण घाटी में रात्रि के दौरान कई सौदों पर मुहर लगती है और कई माध्यमों से चरस तस्करी की जाती है। भुंतर के समीप पकड़ी गई 11 किलो चरस खेप में भी एक महिला द्वारा चरस खेप सप्लाई करने की बात सामने आ रही है। पकड़ा गया आरोपी इसे अपनी खेप न बताते हुए एक व्यक्ति तक इसे पहुंचाने की बात कर रहा है। आरोपी काफी वर्षों से जरी क्षेत्र में रह रहा था। हालांकि अभी तक तस्करी के आरोप में युवक पहली बार ही पकड़ा गया है। पुलिस ने एक साथ 11 किलो चरस के साथ तस्कर को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इस तरह के मामले पकड़ने के लिए पुलिस कई बार जाल बिछाती है, लेकिन बेहद कम मामलों में ही सफलता मिल पाती है।
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उधर, एसपी कुल्लू पदम चंद ने बताया कि चरस समेत अन्य नशे की खेप सप्लाई करने वाले आरोपी बेहद शातिर होते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस जांच को प्रभावित करने के लिए गलत बयान देते हैं। जिसे पुलिस क्रॉस चेक करती है। पुलिस नशे के कारोबार करने वाले सरगना तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है।
बॉक्स
कुल्लू जिला में पुलिस द्वारा पकड़ी गई चरस खेप
वर्ष पकड़ी गई खेप
2011 61.762 किलो
2012 38.120 किलो
2013 80.069 किलो
2014 88.984 किलो
2015 81.672 किलो
2016 115.453 किलो
2017 22 फरवरी तक 22.500 किलो
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चरस सप्लाई करने के लिए अधिकतर नेपाली मूल के लोगों का इस्तेमाल किया जाता है। जिन्हें हजारों रुपये देकर माल ठिकाने तक पहुंचाया जाता है। सीजन के दौरान मणिकर्ण और जरी क्षेत्र में नेपाली लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रैकिंग समेत रात्रि के दौरान अधिकतर चरस तस्कर खेप को ठिकाने तक पहुंचाने के लिए सक्रिय होते हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जरी और मणिकर्ण घाटी में रात्रि के दौरान कई सौदों पर मुहर लगती है और कई माध्यमों से चरस तस्करी की जाती है। भुंतर के समीप पकड़ी गई 11 किलो चरस खेप में भी एक महिला द्वारा चरस खेप सप्लाई करने की बात सामने आ रही है। पकड़ा गया आरोपी इसे अपनी खेप न बताते हुए एक व्यक्ति तक इसे पहुंचाने की बात कर रहा है। आरोपी काफी वर्षों से जरी क्षेत्र में रह रहा था। हालांकि अभी तक तस्करी के आरोप में युवक पहली बार ही पकड़ा गया है। पुलिस ने एक साथ 11 किलो चरस के साथ तस्कर को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इस तरह के मामले पकड़ने के लिए पुलिस कई बार जाल बिछाती है, लेकिन बेहद कम मामलों में ही सफलता मिल पाती है।
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उधर, एसपी कुल्लू पदम चंद ने बताया कि चरस समेत अन्य नशे की खेप सप्लाई करने वाले आरोपी बेहद शातिर होते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस जांच को प्रभावित करने के लिए गलत बयान देते हैं। जिसे पुलिस क्रॉस चेक करती है। पुलिस नशे के कारोबार करने वाले सरगना तक पहुंचने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है।
बॉक्स
कुल्लू जिला में पुलिस द्वारा पकड़ी गई चरस खेप
वर्ष पकड़ी गई खेप
2011 61.762 किलो
2012 38.120 किलो
2013 80.069 किलो
2014 88.984 किलो
2015 81.672 किलो
2016 115.453 किलो
2017 22 फरवरी तक 22.500 किलो