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Kullu News: मेघ न बरसने से सेब पर संकट के बादल

Wed, 29 Jan 2025 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 29 Jan 2025 09:54 PM IST
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Clouds of trouble on apples due to lack of rain
चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होने पर जिले में प्रभावित होगी सेब की फसल
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बागवान बोले- दिसंबर-जनवरी में खुलकर नहीं हुई बर्फबारी-बारिश

संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सर्दियों में इस बार मौसम की बेरुखी से जिले के बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। दिसंबर और जनवरी में उम्मीद के मुताबिक बर्फबारी और बारिश नहीं हुई है। ऐसे में सेब के चिलिंग ऑवर्स पर संकट के बादल मंडरा गए हैं।
अगर सेब के चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होते हैं तो आने वाले समय में फसल पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। लगघाटी, महाराजा, खराहल, कोठी सारी, ऊझी घाटी, पार्वती घाटी, सैंज, बंजार, आनी और निरमंड क्षेत्र की सेब बेल्ट को अभी बर्फबारी का इंतजार है। दिसंबर और जनवरी में हालात कुछ ऐसे रहे हैं कि बर्फबारी तो दूर, यहां खुलकर बारिश भी नहीं हुई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, एक बारिश को छोड़ दें तो अधिकतर मौसम साफ ही रहा।
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घाटी के बागवानों का मानना है कि लगातार कुल्लू में दूसरे साल सर्दियों में इस तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। बागवान लाल चंद ठाकुर, राम सिंह, मोती राम, मोहर सिंह, राजकुमार, केहर सिंह और मुरलू राम ने कहा कि पिछली बार भी सर्दियों के दौरान खुलकर बर्फबारी नहीं हुई थी। इसका खामियाजा बागवानों को भुगतना पड़ा। इस बार बागवानों को उम्मीद थी कि अच्छी बर्फबारी होेगी, लेकिन दिसंबर और जनवरी में बागवानों के हाथ निराशा लगी है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति फरवरी में भी रहती है तो बागवानों के लिए मुश्किलें और भी बढ़ेंगी। दूसरी ओर, किसान भी मौसम के रुखे को लेकर परेशान हैं।
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हालांकि, गेहूं की बिजाई किसानों ने कर दी है। गेहूं बीज अंकुरित होने के बाद निकल भी चुका है। किसानों का मानना है कि अगर नियमित अंतराल के बाद अच्छी बारिश होती है तो इससे फसल के बेहतर परिणाम आते हैं।


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बर्फबारी न होना बागवानी के लिए चिंताजनक है। अगर पहाड़ों में खुलकर बर्फबारी नहीं होती है तो चिलिंग ऑवर्स के साथ ही सिंचाई के लिए बागवानों को पानी की समस्या आ सकती है। - उत्तम पराशर, विषयवाद विशेषज्ञ, बागवानी विभाग
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