{"_id":"66828899afba74189005f51e","slug":"chauharghatis-dev-hurang-narayan-reached-kullu-for-the-first-time-kullu-news-c-89-1-klu1001-125836-2024-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: पहली बार कुल्लू पहुंचे चौहारघाटी के देव हुरंग नारायण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: पहली बार कुल्लू पहुंचे चौहारघाटी के देव हुरंग नारायण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। ढोल-नगाड़ों, नरसिंगों और करनालों की स्वरलहरियों से सोमवार को ढालपुर गूंज उठा। लाव-लश्कर के साथ जब मंडी जिले की चौहारघाटी के आराध्य देव हुरंग नारायण पहुंचे तो दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े पड़े। लगघाटी में रविवार रात विश्राम के बाद दोपहर करीब 12:00 बजे देवता हुरंग नारायण ढालपुर पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने देवता का भव्य स्वागत किया। देवता के देवलुओं के लिए रथ मैदान में चायपान की व्यवस्था रखी गई थी। इतिहास में पहली बार देवता हुरंग नारायण भूभू जोत पार कर कुल्लू पहुंचे हैं। इसके लिए देवलुओं ने देवता से अनुमति मांगी थी। देवता से अनुमति मिलने के बाद ही सैकड़ाें देवलुओं के साथ हुरंग नारायण कुल्लू के दौर पर निकले हैं।
नाचते-गाते देवता हुरंग नारायण के देवलुओं ने रौनक बढ़ा दी। इसके बाद देवता भुंतर के लिए रवाना हुए। देवता किसी भक्त के बुलावे पर यहां आए हैं। देवता हुरंग नारायण के गूर राजू राम ने कहा कि देवता हुरंग नारायण अगले तीन दिन भुंतर में ही रहेंगे। कहा कि चौहारघाटी के देवता हुरंग नारायण पहली बार भूभू जोत होकर कुल्लू आए हैं।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने देवता से आशीर्वाद लिया है। कुल्लू में देवता का भव्य स्वागत हुआ है। भूभू जोत का रास्ता अंग्रेजों के समय में बना हुआ है। दोपहर बाद भुंतर पहुंचे देवता हुरंग नारायण का शहरवासियों ने भव्य स्वागत किया। मंडी जिले के देवता का कुल्लू पहुंचने पर लोगाें में खुशी का माहौल है। संवाद
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने देवता का भव्य स्वागत किया। देवता के देवलुओं के लिए रथ मैदान में चायपान की व्यवस्था रखी गई थी। इतिहास में पहली बार देवता हुरंग नारायण भूभू जोत पार कर कुल्लू पहुंचे हैं। इसके लिए देवलुओं ने देवता से अनुमति मांगी थी। देवता से अनुमति मिलने के बाद ही सैकड़ाें देवलुओं के साथ हुरंग नारायण कुल्लू के दौर पर निकले हैं।
विज्ञापन
नाचते-गाते देवता हुरंग नारायण के देवलुओं ने रौनक बढ़ा दी। इसके बाद देवता भुंतर के लिए रवाना हुए। देवता किसी भक्त के बुलावे पर यहां आए हैं। देवता हुरंग नारायण के गूर राजू राम ने कहा कि देवता हुरंग नारायण अगले तीन दिन भुंतर में ही रहेंगे। कहा कि चौहारघाटी के देवता हुरंग नारायण पहली बार भूभू जोत होकर कुल्लू आए हैं।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने देवता से आशीर्वाद लिया है। कुल्लू में देवता का भव्य स्वागत हुआ है। भूभू जोत का रास्ता अंग्रेजों के समय में बना हुआ है। दोपहर बाद भुंतर पहुंचे देवता हुरंग नारायण का शहरवासियों ने भव्य स्वागत किया। मंडी जिले के देवता का कुल्लू पहुंचने पर लोगाें में खुशी का माहौल है। संवाद