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Kullu News: दिल्ली तक बूंजा रोपवे के लिए 67 हरे पेड़ काटने का मामला

Wed, 24 Dec 2025 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 24 Dec 2025 10:43 PM IST
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Case of cutting 67 green trees for Bunja ropeway to Delhi
जिले के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर किया बिजली महादेव रोपवे का विरोध
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आपदा के बाद साल में सबसे अधिक चर्चा में रहा बिजली महादेव रोपवे का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। साल 2025 अब जाने वाला है। एक सप्ताह बाद यह वर्ष कुछ खट्टी-मीठी यादों के साथ अलविदा कह जाएगा। साल 2025 में जिले में आपदा के बाद अगर कोई मुद्दा चर्चा में रहा तो यह बिजली महादेव रोपवे का था। 284 करोड़ की परियोजना बिजली महादेव रोपवे का शिलान्यास होने के बाद काम भी शुरू हो गया था।
जैसे ही बिजली महादेव रोपवे के लिए जून महीने में 67 काइल के हरे पेड़ों को काटा गया तो इनकी गूंज कुल्लू से दिल्ली तक गई। पेड़ कटने के बाद बिजली महादेव रोपवे के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। कुल्लू जिला मुख्यालय में सड़कों पर उतरकर हजारों लोगों ने आस्था के साथ होने का प्रमाण दिया। यह धरना-प्रदर्शन जुलाई के महीने में हुआ था। इसके बाद एनजीटी में बिजली महादेव रोपवे में एक याचिका दायर की गई जिसमें सरकार और रोपवे का निर्माण कर रही एजेंसी से जवाबतलबी हुई। इसी मामले में एक और याचिका भी एनजीटी में बिजली महादेव मंदिर कमेटी की ओर से भी लगाई गई। एक नवंबर 2025 को नग्गर में ऐतिहासिक जगती पूछ का आयोजन हुआ। इसमें देवी-देवताओं ने भी बिजली महादेव रोपवे का विरोध किया। मामले की गंभीरता को समझते हुए केंद्र सरकार ने केंद्र की तीन सदस्यीय कमेटी को बातचीत करने के लिए कहा।
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई वाली टीम ने दिल्ली में सात सदस्यीय देव समाज के लोगों से बातचीत की। अब बिजली महादेव रोपवे का काम बंद है, देवसमाज से जुड़े लोगों को इस परियोजना के रदद होने की उम्मीद है।
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बिजली महादेव रोपवे के विरोध में एनजीटी में सुनवाई चल रही है। बिजली महादेव रोपवे देव आदेशों के खिलाफ है। यह किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। इसका विरोध जारी रहेगा। - फतेह सिंह राणा, कोषाध्यक्ष, बिजली महादेव मंदिर कमेटी

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महिलाओं ने संभाला था मोर्चा
पेड़ कटने के बाद जैसे ही जंगल से निकाली गई लकड़ी को कंपनी के ठेकेदार ले जाने लगे थे तो महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर स्वयं मोर्चा संभाला। महिलाओं ने एक भी लकड़ी ले जाने नहीं दी। महिलाओं ने बिजली महादेव रोपवे के विरोध में हर मोर्चे पर अग्रणी भूमिका निभाई।
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