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लंबे रूट पर गई बसें आधी सवारियां लेकर लौटीं
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कुल्लू। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने दिल्ली, चंडीगढ़ और हरिद्वार के लिए चार स्पेशल बसें भेजीं थी। दिवाली पर सभी बसें आधा सवारियां लेकर लौटी हैं। निगम ने दो नवंबर को एक वोल्वो, एक डीलक्स और दो साधारण बसें मनाली से लंबे रूटों पर संचालित की।
मनाली से ये बसें सवारियों से भरकर निकलीं। लेकिन कुल्लू की ओर सवारियां न होने के कारण तीन के बजाय चार नवंबर को लौटना पड़ा। तीन नवंबर को बसों को सवारियां नहीं मिल पाई। इसके चलते निगम को घाटा उठाना पड़ा है। हालांकि ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि दिवाली के दिन बाहरी राज्यों से कुल्लू के लिए सवारियों की कमी रही हो। इससे पूर्व लंबे रूटों पर भेजीं गई सभी बसें यात्रियों से भरकर ही वापस आती रही हैं।
बता दें कि दिवाली उत्सव के लिए एचआरटीसी कुल्लू डिपो ने बाहरी राज्यों के लिए आठ स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया था। इसके अनुसार दो नवंबर को मनाली से चंडीगढ़, मनाली से दिल्ली और मनाली से हरिद्वार के लिए चार बसें संचालित की गई। सभी बसें तीन नवंबर को सवारियां लेकर वापस लौटने वाली थी। लेकिन कुल्लू-मनाली के लिए सवारियां न मिलने से निगम को बसें वहीं खड़ी करनी पड़ी। दिवाली के दिन बसों को आधा सवारियों के साथ ही वापस बुलाया गया। उधर, एचआरटीसी कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि दिवाली के दौरान यात्रियों को लाने और ले जाने के लिए लंबे रूटों पर बसें भेजीं गई। दो अक्तूबर को मनाली से चंडीगढ़, दिल्ली और हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसें चलीं। लेकिन सवारियां न मिलने की वजह से तीन के बजाय चार अक्तूबर को बसें लौटी हैं।
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मनाली से ये बसें सवारियों से भरकर निकलीं। लेकिन कुल्लू की ओर सवारियां न होने के कारण तीन के बजाय चार नवंबर को लौटना पड़ा। तीन नवंबर को बसों को सवारियां नहीं मिल पाई। इसके चलते निगम को घाटा उठाना पड़ा है। हालांकि ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि दिवाली के दिन बाहरी राज्यों से कुल्लू के लिए सवारियों की कमी रही हो। इससे पूर्व लंबे रूटों पर भेजीं गई सभी बसें यात्रियों से भरकर ही वापस आती रही हैं।
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बता दें कि दिवाली उत्सव के लिए एचआरटीसी कुल्लू डिपो ने बाहरी राज्यों के लिए आठ स्पेशल बसें चलाने का निर्णय लिया था। इसके अनुसार दो नवंबर को मनाली से चंडीगढ़, मनाली से दिल्ली और मनाली से हरिद्वार के लिए चार बसें संचालित की गई। सभी बसें तीन नवंबर को सवारियां लेकर वापस लौटने वाली थी। लेकिन कुल्लू-मनाली के लिए सवारियां न मिलने से निगम को बसें वहीं खड़ी करनी पड़ी। दिवाली के दिन बसों को आधा सवारियों के साथ ही वापस बुलाया गया। उधर, एचआरटीसी कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि दिवाली के दौरान यात्रियों को लाने और ले जाने के लिए लंबे रूटों पर बसें भेजीं गई। दो अक्तूबर को मनाली से चंडीगढ़, दिल्ली और हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसें चलीं। लेकिन सवारियां न मिलने की वजह से तीन के बजाय चार अक्तूबर को बसें लौटी हैं।
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