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बुलेट को मिले कामर्शियल वाहन का दर्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Tue, 01 Dec 2015 05:27 PM IST
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मनाली बाइकर एसोसिएशन उत्तराखंड, लेह और गोवा की तर्ज पर हिमाचल में भी बुलेट और मोटरसाइकिल को कामर्शियल वाहन का दर्जा देने की मांग लंबे समय से कर रही है। एसोसिएशन का कहना है कि उक्त राज्यों में इन वाहनों को कामर्शियल वाहन का दर्जा मिल चुका है जबकि, प्रदेश में ऐसा नहीं है। उन्होंने इसके बारे में कई बार सरकार को पत्र भी सौंपा है, लेकिन अभी तक इनकी मांग को पूरा नहीं किया गया है। जबकि, प्रशासन ने मनाली में नियम अनुसार बुलेट किराये पर देने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि बुलेट कामर्शियल वाहन नहीं है, जिसके चलते इसे किराये पर नहीं दिया जा सकता है।
एसोसिएशन के प्रधान केशव राम का कहना है कि उन्होंने इसके बारे में सीएम को भी एक मांग पत्र दे कर इसे कामर्शियल वाहन बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए टैक्स भरने को भी तैयार हैं। अध्यक्ष का कहना है कि उत्तराखंड, लेह और गोवा में भी मोटरसाइकिल और बुलेट को कामर्शियल वाहन का दर्जा मिला हुआ है।
उन्होंने कहा कि कुल्लू और मनाली में भी बुलेट किराये पर देने से दर्जनों परिवार पल रहे हैं। अगर इस पर रोक लग गई तो दर्जनों परिवार दो वक्त की रोटी से महरूम हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में बुलेट को कामर्शियल वाहन का दर्जा दिया जाए।
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इसके बारे में एसडीएम मनाली ज्योति राणा का कहना है कि बुलेट कामर्शियल वाहन नहीं है। इसे किराये पर नहीं दिया जा सकता है। ऐसा करता हुआ कोई पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन एक्ट के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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एसोसिएशन के प्रधान केशव राम का कहना है कि उन्होंने इसके बारे में सीएम को भी एक मांग पत्र दे कर इसे कामर्शियल वाहन बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए टैक्स भरने को भी तैयार हैं। अध्यक्ष का कहना है कि उत्तराखंड, लेह और गोवा में भी मोटरसाइकिल और बुलेट को कामर्शियल वाहन का दर्जा मिला हुआ है।
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उन्होंने कहा कि कुल्लू और मनाली में भी बुलेट किराये पर देने से दर्जनों परिवार पल रहे हैं। अगर इस पर रोक लग गई तो दर्जनों परिवार दो वक्त की रोटी से महरूम हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में बुलेट को कामर्शियल वाहन का दर्जा दिया जाए।
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इसके बारे में एसडीएम मनाली ज्योति राणा का कहना है कि बुलेट कामर्शियल वाहन नहीं है। इसे किराये पर नहीं दिया जा सकता है। ऐसा करता हुआ कोई पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन एक्ट के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।