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जन्म के पहले घंटे के भीतर ही स्तनपान जरूरी : गजेंद्र
Thu, 06 Aug 2026 05:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 06 Aug 2026 05:31 AM IST
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कुल्लू। विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग ने ग्राम पंचायत कसोल के वन विश्राम गृह में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी कुल्लू गजेंद्र ठाकुर ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के पहले घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। शुरुआती छह महीने तक पानी या ऊपरी आहार की कोई आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद दो वर्ष या उससे अधिक आयु तक ठोस आहार के साथ स्तनपान जारी रखा जा सकता है।
बच्चे को दिन और रात में मिलाकर कम से कम 8 से 12 बार मांग के अनुसार दूध पिलाना चाहिए। दूध पिलाने से पहले मां को अपने हाथ धोने चाहिए और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
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शिविर में सही पोषण एवं आहार के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए एक नन्हें बालक का पारंपरिक रूप से अन्नप्राशन करवाया गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में हाल ही में जन्मी नवजात बालिकाओं के परिवारों को विशेष बेबी किट उपहार स्वरूप भेंट की गई।
पर्यावरण एवं बालिका संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए इन नवजात बालिकाओं के नाम पर एक बूटा बेटी के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इस दौरान बाल आयुष चिकित्सा अधिकारी कसोल डॉ. अमन शर्मा, पर्यवेक्षक जरी सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के पहले घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। शुरुआती छह महीने तक पानी या ऊपरी आहार की कोई आवश्यकता नहीं होती। इसके बाद दो वर्ष या उससे अधिक आयु तक ठोस आहार के साथ स्तनपान जारी रखा जा सकता है।
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बच्चे को दिन और रात में मिलाकर कम से कम 8 से 12 बार मांग के अनुसार दूध पिलाना चाहिए। दूध पिलाने से पहले मां को अपने हाथ धोने चाहिए और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
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शिविर में सही पोषण एवं आहार के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए एक नन्हें बालक का पारंपरिक रूप से अन्नप्राशन करवाया गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में हाल ही में जन्मी नवजात बालिकाओं के परिवारों को विशेष बेबी किट उपहार स्वरूप भेंट की गई।
पर्यावरण एवं बालिका संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए इन नवजात बालिकाओं के नाम पर एक बूटा बेटी के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इस दौरान बाल आयुष चिकित्सा अधिकारी कसोल डॉ. अमन शर्मा, पर्यवेक्षक जरी सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।