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भारी बारिश से बढ़ा ब्यास का जलस्तर, अस्थायी पुलिया बही
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मनाली में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से बह गई सोलंग गांव की पैदल पुलिया।-संवाद
- फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली (कुल्लू)। जिले में रविवार देर रात हुई भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से सोलंगनाला के पास सोलंग गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुलिया बह गया है।
ग्रामीणों ने स्वयं इस पुल का निर्माण किया था। पुल बह जाने के कारण सोलंग गांव का संपर्क घाटी से कट गया है। इस वजह से ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं। विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है।
पुल बहने से गांव की लगभग 500 की आबादी प्रभावित हो गई है। वर्ष 2015 में इस गांव के लिए पुल का शिलान्यास हुआ था, लेकिन सात साल में यह पुल बनकर तैयार नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी सोलंग गांव के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
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हर साल ब्यास नदी में ग्रामीण स्वयं लकड़ी का अस्थायी पुलिया (ढीपी) बनाते हैं। इस पर ही उनकी आवाजाही होती है। बरसात के मौसम में हर वर्ष यह पुल बह जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने सोलंग गांव के लिए सड़क और पुल मंजूर किया है। गांव के लिए सड़क का कार्य लगभग पूरा हो गया है। पुल निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण आज भी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
सात वर्ष में एक पुल का निर्माण नहीं करवाया जा सका। ऐसे में अस्थायी पुलिया ही लोगों का सहारा बनती है। इस पुलिया पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। ग्रामीण नानक चंद, रामनाथ, देवी सिंह, हुकम राम ने बताया कि गांव के अधिकतर लोगों का रोजगार पर्यटन से जुड़ा है। लोग अपने कारोबार के लिए सोलंगनाला का रुख करते हैं, लेकिन अब पुल बहने के कारण गांव के लोगों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है।
कई बार सरकार से उठाई मांग
पुल बहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। अब ग्रामीणों के पास आवागमन को कोई दूसरा साधन नहीं है। गांव के लिए सड़क बनकर तैयार हुई है, लेकिन पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण इसका फायदा नहीं मिल पा रहा। कई बार यह मामला प्रशासन, स्थानीय मंत्री और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से उठाया गया है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा।
-कौशल्या देवी, पंचायत प्रधान
सोलंग गांव के लिए बन रहे पुल का कार्य धीमी गति से चल रहा है। ठेकेदार को कई बार नोटिस भी जारी किए गए हैं। पुल का कुछ कार्य ही शेष है। विपरीत भौगोलिक परिस्थितियां भी पुल निर्माण की देरी का एक कारण है। ठेकेदार को फिर नोटिस भेजकर कार्य का जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
-बीएस राणा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मनाली
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मनाली (कुल्लू)। जिले में रविवार देर रात हुई भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से सोलंगनाला के पास सोलंग गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुलिया बह गया है।
ग्रामीणों ने स्वयं इस पुल का निर्माण किया था। पुल बह जाने के कारण सोलंग गांव का संपर्क घाटी से कट गया है। इस वजह से ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं। विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है।
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पुल बहने से गांव की लगभग 500 की आबादी प्रभावित हो गई है। वर्ष 2015 में इस गांव के लिए पुल का शिलान्यास हुआ था, लेकिन सात साल में यह पुल बनकर तैयार नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी सोलंग गांव के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
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हर साल ब्यास नदी में ग्रामीण स्वयं लकड़ी का अस्थायी पुलिया (ढीपी) बनाते हैं। इस पर ही उनकी आवाजाही होती है। बरसात के मौसम में हर वर्ष यह पुल बह जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने सोलंग गांव के लिए सड़क और पुल मंजूर किया है। गांव के लिए सड़क का कार्य लगभग पूरा हो गया है। पुल निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण आज भी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
सात वर्ष में एक पुल का निर्माण नहीं करवाया जा सका। ऐसे में अस्थायी पुलिया ही लोगों का सहारा बनती है। इस पुलिया पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। ग्रामीण नानक चंद, रामनाथ, देवी सिंह, हुकम राम ने बताया कि गांव के अधिकतर लोगों का रोजगार पर्यटन से जुड़ा है। लोग अपने कारोबार के लिए सोलंगनाला का रुख करते हैं, लेकिन अब पुल बहने के कारण गांव के लोगों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है।
कई बार सरकार से उठाई मांग
पुल बहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। अब ग्रामीणों के पास आवागमन को कोई दूसरा साधन नहीं है। गांव के लिए सड़क बनकर तैयार हुई है, लेकिन पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण इसका फायदा नहीं मिल पा रहा। कई बार यह मामला प्रशासन, स्थानीय मंत्री और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से उठाया गया है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा।
-कौशल्या देवी, पंचायत प्रधान
सोलंग गांव के लिए बन रहे पुल का कार्य धीमी गति से चल रहा है। ठेकेदार को कई बार नोटिस भी जारी किए गए हैं। पुल का कुछ कार्य ही शेष है। विपरीत भौगोलिक परिस्थितियां भी पुल निर्माण की देरी का एक कारण है। ठेकेदार को फिर नोटिस भेजकर कार्य का जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
-बीएस राणा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मनाली