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Kullu News: बंजार बस अड्डा बना टैक्सी स्टैंड, भूस्खलन का खतरा
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अभियान--बंजार बस अड्डे में पार्क की गई टैक्सियां। संवाद
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल मुख्यालय बंजार में नया बस अड्डा भी बसों के लिए छोटा पड़ने लगा है। एक तरफ टैक्सियों का कब्जा तो दूसरी तरफ पहाड़ी दरकने का खतरा बना हुआ है। इसके चलते यह बस अड्डा सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है। इस साल बरसात में भी पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से टैक्सी यूनियन बंजार का अस्थायी कार्यालय तहस- नहस हो गया। इस जगह पर लोग भी बाल-बाल बच गए थे।
वहीं, बस अड्डे में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड बारिश होने पर तलाबा बन जाता है। जहां आम लोगों समेत यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा बंजार बस अड्डा कम टैक्सी स्टैंड अधिक लगता है। यहां हर जगह सुबह से शाम तक टैक्सियां खड़ी रहती हैं। बस अड्डे में सुबह से शाम तक बसों की आवाजाही रहती है। चालकों को बसों को मोड़ने, उनको खड़ा करना और बाहर निकालने में समस्या होती है। स्थानीय निवासियों मोहर सिंह, सोहन लाल, संजय शर्मा, प्रीतम शर्मा और लाल चंद ने कहा कि बंजार बस स्टैंड में कई तरह की खामियां हैं। यहां बसें कम टैक्सियां अधिक नजर आती हैं। सबसे बड़ा मसला यहां सवारियों और बसों की सुरक्षा का है। पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से यहां कभी भी हादसा हो सकता है।
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बंजार में टैक्सी स्टैंड की कमी के कारण टैक्सी चालकों को अपनी टैक्सियां खड़ी करने में समस्या हो रही है। सरकार को बंजार में टैक्सी स्टैंड का निर्माण करना चाहिए। -अजीत राठौर, प्रदेश सचिव सर्व कामगार संगठन
बंजार का बस अड्डा सिर्फ बसों के लिए होना चाहिए। सफाई के साथ यहां सुरक्षा को लेकर दीवार या फिर डंगे का निर्माण किया जाना चाहिए। सरकार को टैक्सी स्टैंड की अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। -तेज सिंह ठाकुर, बंजार
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वहीं, बस अड्डे में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड बारिश होने पर तलाबा बन जाता है। जहां आम लोगों समेत यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इसके अलावा बंजार बस अड्डा कम टैक्सी स्टैंड अधिक लगता है। यहां हर जगह सुबह से शाम तक टैक्सियां खड़ी रहती हैं। बस अड्डे में सुबह से शाम तक बसों की आवाजाही रहती है। चालकों को बसों को मोड़ने, उनको खड़ा करना और बाहर निकालने में समस्या होती है। स्थानीय निवासियों मोहर सिंह, सोहन लाल, संजय शर्मा, प्रीतम शर्मा और लाल चंद ने कहा कि बंजार बस स्टैंड में कई तरह की खामियां हैं। यहां बसें कम टैक्सियां अधिक नजर आती हैं। सबसे बड़ा मसला यहां सवारियों और बसों की सुरक्षा का है। पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से यहां कभी भी हादसा हो सकता है।
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बंजार में टैक्सी स्टैंड की कमी के कारण टैक्सी चालकों को अपनी टैक्सियां खड़ी करने में समस्या हो रही है। सरकार को बंजार में टैक्सी स्टैंड का निर्माण करना चाहिए। -अजीत राठौर, प्रदेश सचिव सर्व कामगार संगठन
बंजार का बस अड्डा सिर्फ बसों के लिए होना चाहिए। सफाई के साथ यहां सुरक्षा को लेकर दीवार या फिर डंगे का निर्माण किया जाना चाहिए। सरकार को टैक्सी स्टैंड की अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। -तेज सिंह ठाकुर, बंजार