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सामुदायिक भवन में चल रहा बछूट स्कूल
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संवाद न्यूज एजेंसी
जिभी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के विधायक स्थानीय शौरी के गृह विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों की हालत नहीं सुधर पाई है। इससे विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। प्राथमिक पाठशाला बछूट का हाल भी खराब है। यहां के विद्यार्थी छह सालों से सामुदायिक भवन में पढ़ रहे हैं। एक ही कमरे में पहली से पांचवीं की कक्षाएं, कार्यालय और मिड-डे-मील का खाना पक रहा है।
अब सवाल उठता है कि बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा, जब पाठशाला का अपना भवन ही नहीं है। वर्तमान में पाठशाला में 16 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जबकि अन्य बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि स्कूल के भवन निर्माण के लिए लोगों ने अपनी चार बिस्वा जमीन भी स्कूल के नाम कर दी है, जबकि 6.30 लाख की राशि भवन निर्माण के लिए भी स्वीकृत हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल भवन का निर्माण लटका हुआ है। क्षेत्र के बछूट, पलीचा, गाड़ा, उपली छुनार, निचली छुनार, ग्रामीण सुरेश कुमार, योग राज, सेस राम ने बताया कि स्कूल के लिए भूमि और सरकार से राशि स्वीकृत होने के बाद भी भवन का काम शुरू नहीं किया जा रहा है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. सुरजीत रॉव ने बताया कि स्कूल का मामला ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की तुरंत छानबीन की जाएग, जिससे बच्चे अपने भवन में पढ़ाई कर सके।
छह गांवों के बच्चों को दूर पड़ता है टील स्कूल
बता दें कि इस क्षेत्र के छह गांवों के बच्चों को टील स्कूल दूर पड़ता है। ऐसे में वे प्राथमिक स्कूल बछूट में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन अपना भवन न होने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही कमरे में कक्षाएं, कार्यालय और मिड-डे मील पकना स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार की नाकामी को साबित करता है। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक पाठशाला बछूट के भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाए।
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जिभी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के विधायक स्थानीय शौरी के गृह विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों की हालत नहीं सुधर पाई है। इससे विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। प्राथमिक पाठशाला बछूट का हाल भी खराब है। यहां के विद्यार्थी छह सालों से सामुदायिक भवन में पढ़ रहे हैं। एक ही कमरे में पहली से पांचवीं की कक्षाएं, कार्यालय और मिड-डे-मील का खाना पक रहा है।
अब सवाल उठता है कि बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा, जब पाठशाला का अपना भवन ही नहीं है। वर्तमान में पाठशाला में 16 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जबकि अन्य बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि स्कूल के भवन निर्माण के लिए लोगों ने अपनी चार बिस्वा जमीन भी स्कूल के नाम कर दी है, जबकि 6.30 लाख की राशि भवन निर्माण के लिए भी स्वीकृत हो चुकी है। इसके बावजूद स्कूल भवन का निर्माण लटका हुआ है। क्षेत्र के बछूट, पलीचा, गाड़ा, उपली छुनार, निचली छुनार, ग्रामीण सुरेश कुमार, योग राज, सेस राम ने बताया कि स्कूल के लिए भूमि और सरकार से राशि स्वीकृत होने के बाद भी भवन का काम शुरू नहीं किया जा रहा है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. सुरजीत रॉव ने बताया कि स्कूल का मामला ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की तुरंत छानबीन की जाएग, जिससे बच्चे अपने भवन में पढ़ाई कर सके।
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छह गांवों के बच्चों को दूर पड़ता है टील स्कूल
बता दें कि इस क्षेत्र के छह गांवों के बच्चों को टील स्कूल दूर पड़ता है। ऐसे में वे प्राथमिक स्कूल बछूट में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन अपना भवन न होने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही कमरे में कक्षाएं, कार्यालय और मिड-डे मील पकना स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार की नाकामी को साबित करता है। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक पाठशाला बछूट के भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाए।
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