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Kullu News: बारिश से सेब की गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका
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मनाली। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब कुल्लू घाटी के सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ाने लगी है। कई दिनों से जारी बारिश के कारण बगीचों में अत्यधिक नमी हो गई है। बागवानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज रहा तो फलों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ समय से पहले फल झड़ने की आशंका भी बढ़ जाएगी। इससे इस वर्ष के सेब उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
बागवान एवं पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत शनाग मंगल चंद ने बताया कि लगातार बारिश से बगीचों में नमी सामान्य से अधिक हो गई है। ऐसी परिस्थितियों में स्कैब समेत अन्य फफूंदजनित रोग तेजी से फैल सकते हैं। अधिक नमी के कारण फलों पर दाग पड़ने, सड़न बढ़ने और समय से पहले फल गिरने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सेब जिले की अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में बागवानी विभाग को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर बागवानों को समय पर रोग नियंत्रण संबंधी तकनीकी सलाह, स्प्रे शेड्यूल तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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बागवान पन्ना लाल, सुंदर सिंह, पूर्ण चंद और कृपा राम ने बताया कि इस वर्ष पहले ही मौसम की अनिश्चितता के कारण उत्पादन को लेकर असमंजस बना हुआ था। अब लगातार बारिश ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो उत्पादन के साथ-साथ फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी, जिससे बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
संवाद
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बागवान एवं पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत शनाग मंगल चंद ने बताया कि लगातार बारिश से बगीचों में नमी सामान्य से अधिक हो गई है। ऐसी परिस्थितियों में स्कैब समेत अन्य फफूंदजनित रोग तेजी से फैल सकते हैं। अधिक नमी के कारण फलों पर दाग पड़ने, सड़न बढ़ने और समय से पहले फल गिरने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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उन्होंने कहा कि सेब जिले की अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में बागवानी विभाग को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर बागवानों को समय पर रोग नियंत्रण संबंधी तकनीकी सलाह, स्प्रे शेड्यूल तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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बागवान पन्ना लाल, सुंदर सिंह, पूर्ण चंद और कृपा राम ने बताया कि इस वर्ष पहले ही मौसम की अनिश्चितता के कारण उत्पादन को लेकर असमंजस बना हुआ था। अब लगातार बारिश ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो उत्पादन के साथ-साथ फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी, जिससे बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
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