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Kullu News: फलों से लदे सेब, मौसम ने साथ दिया तो चांदी कूटेंगे बागवान

Sun, 04 May 2025 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sun, 04 May 2025 10:08 PM IST
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Apples are laden with fruits, if the weather cooperates then the gardeners will make a lot of money
मनाली समेत पूरी ऊझी घाटी में बागवानों को इस साल सेब की बंपर पैदावार होने की उम्मीद
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बागवानी विभाग ने भी लगाया है 25 फीसदी अधिक पैदावार होने का अनुमान

बागवान बोले - फरवरी महीने में हुई बर्फबारी-बारिश बनी सेब के लिए संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। मनाली समेत पूरी ऊझी घाटी में इस साल सेब की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। मौसम अनुकूल रहा तो इस साल बागवान चांदी कूटेंगे। सेब की सेंटिग के दौरान मौसम अनुकूल रहने से बगीचे फलों से लद गए हैं।
सेब से पेड़ भरे हुए नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में सेब का आकार भी चेरी के बराबर हो गया है। बागवानी विभाग ने इस साल 25 फीसदी अधिक फसल होने का अनुमान लगाया है।
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कुल्लू घाटी की नगदी फसल सेब का वर्ष भर बागवानों को इंतजार रहता है। इसी फसल पर 90 फीसदी से अधिक लोगों की आर्थिकी निर्भर है। हालांकि, बगीचों में सेब की फसल अप्रैल से फूलों के खिलने की अवस्था से लेकर जब तक सेब देश की मंडियों तक नहीं पहुंच जाती, तब तक बागवानों को कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं सहित कई समस्याओं से गुजरता पड़ता है। इस वर्ष फरवरी में हुई बर्फबारी से बागवानों को बढ़िया फसल होने की उम्मीद जगी है। पिछले वर्ष सितंबर 2024 से जनवरी 2025 में बर्फबारी और बारिश नहीं हुई थी, जिससे बागवान मायूस हो गए थे। फरवरी में जिस तरह से चार दिन बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर चला, उससे राहत मिली है। सेब की बढ़िया पैदावार के लिए 1,200 से 1,600 घंटे चिंलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती। इसमें सेब के पेड़ के लिए तापमान सात डिग्री सेल्सियस से कम रहना चाहिए। बागवान नकुल खुल्लर ने बताया कि फरवरी में जिस तरह से पश्चिमी विक्षोभ ने अपना रंग दिखाया, उससे बर्फबारी और बारिश से पूरा वातावरण नम होने से बागवानों के चेहरे खिले हैं। बागवान कमलेश थकीर ने बताया कि इस वर्ष फरवरी महीने में मौसम मेहरबान रहा।
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उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक उत्तम पराशर ने बताया कि इस साल बंपर पैदावार है। मौसम ने साथ दिया तो पिछले साल की तुलना में लगभग 25 फीसदी अधिक फसल होगी।



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