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Kullu News: पैदल 16 किमी बर्फ की बाधा पार कर बच्चों को एल्वेंडाजोल देने पहुंचीं अनीता
Mon, 24 Feb 2025 10:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 24 Feb 2025 10:05 PM IST
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लाहौल के सलग्रां पंचायत के अंतर्गत दुर्गम गांव कुरचेड़ के पांच बच्चों को एल्वेंडाजोल की दवा देन
सड़क सुविधा से महरूम कुरचेड़ गांव तक पहुंचने के लिए पार किया पथरीला रास्ता
पांच बच्चे छूट गए थे अभियान से, आंगनबाड़ी वर्कर ने हौसले की हो रही तारीफ
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिला में सड़क सुविधा से वंचित दुर्गम सलग्रां पंचायत के कुरचेड़ गांव के बच्चों को एल्वेंडाजोल देने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर ने 16 किलोमीटर कहीं बर्फीला तो कहीं सूखा पथरीला रास्ता तय किया। उसके बाद गांव पहुंचकर पांच बच्चों को एल्वेंडाजोल दी।
यह गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। यहां 12 घर हैं। यहां के पांच बच्चे एल्बेंडाजोल के अभियान के दौरान छूट गए थे। इसके चलते अनीता शर्मा रविवार को कुरचेड़ गांव के लिए पैदल निकलीं और 16 किलोमीटर लंबा सफर तय किया, जिसमें करीब तीन किलोमीटर सीधी चढ़ाई को पार किया। इसके अलावा कहीं बर्फीला तो कहीं सूखा पथरीले रास्ते को पार किया। उनके इस हौसले की जमकर तारीफ हो रही है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के पल्स पोलियो सहित इस तरह के अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों की अहम भूमिका रहती है। लिहाजा, आंगनबाड़ी वर्कर अनीता शर्मा ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना किया है।
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कुरचेड़ गांव के लिए सड़क सुविधा नहीं है। ऐसे में आंगनबाड़ी वर्कर अनीता शर्मा ने पैदल कुरचेड़ गांव पहुंचकर पांच बच्चों को एल्बेंडाजोल दवाई पहुंचाई है। एल्बेंडाजोल की दवा 1 से 18 साल तक के बच्चों को दिया जाता है। यह एनडीडी कार्यक्रम के तहत दिया जाता है।
- डाॅ. रोशन लाल सीएमओ केलांग
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पांच बच्चे छूट गए थे अभियान से, आंगनबाड़ी वर्कर ने हौसले की हो रही तारीफ
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिला में सड़क सुविधा से वंचित दुर्गम सलग्रां पंचायत के कुरचेड़ गांव के बच्चों को एल्वेंडाजोल देने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर ने 16 किलोमीटर कहीं बर्फीला तो कहीं सूखा पथरीला रास्ता तय किया। उसके बाद गांव पहुंचकर पांच बच्चों को एल्वेंडाजोल दी।
यह गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। यहां 12 घर हैं। यहां के पांच बच्चे एल्बेंडाजोल के अभियान के दौरान छूट गए थे। इसके चलते अनीता शर्मा रविवार को कुरचेड़ गांव के लिए पैदल निकलीं और 16 किलोमीटर लंबा सफर तय किया, जिसमें करीब तीन किलोमीटर सीधी चढ़ाई को पार किया। इसके अलावा कहीं बर्फीला तो कहीं सूखा पथरीले रास्ते को पार किया। उनके इस हौसले की जमकर तारीफ हो रही है।
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गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के पल्स पोलियो सहित इस तरह के अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों की अहम भूमिका रहती है। लिहाजा, आंगनबाड़ी वर्कर अनीता शर्मा ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना किया है।
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कुरचेड़ गांव के लिए सड़क सुविधा नहीं है। ऐसे में आंगनबाड़ी वर्कर अनीता शर्मा ने पैदल कुरचेड़ गांव पहुंचकर पांच बच्चों को एल्बेंडाजोल दवाई पहुंचाई है। एल्बेंडाजोल की दवा 1 से 18 साल तक के बच्चों को दिया जाता है। यह एनडीडी कार्यक्रम के तहत दिया जाता है।
- डाॅ. रोशन लाल सीएमओ केलांग