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Kullu News: ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की मंगल ध्वनि के बीच मथान से निकली देवयात्रा
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दशहरा उत्सव में पहुंचे सैंज घाटी के मनु ऋषि देवलूओ के साथ।-संवाद
खराहल (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में शामिल होने के लिए देवाधिदेव बिजली महादेव सोमवार को अपने देवालय मथान से रवाना हो गए। सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के साथ निकली देवता की शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और करनाल की मंगलमय ध्वनि से गूंज उठी। दोपहर बाद शुरू हुई देवयात्रा शाम को धार्ठ पहुंची, जहां देवता ने रात्रि विश्राम किया।
मंगलवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद देवता की शोभायात्रा दोबारा शुरू होगी। बिजली महादेव अपने देवलुओं के साथ भगवान रघुनाथ की नगरी सुल्तानपुर पहुंचेंगे। यहां देव परंपरा के अनुसार पारंपरिक देव वाद्य यंत्रों की धुन के बीच भगवान रघुनाथ से भव्य देव मिलन होगा। इसके बाद देवता रघुनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे।
बुधवार को पूजा-अर्चना के बाद बिजली महादेव भगवान रघुनाथ की पालकी और अठारह करडू की सौह के साथ ढालपुर पहुंचेंगे। रघुनाथ की रथयात्रा में देवता रथ के दाईं ओर प्रथम स्थान पर रहेंगे और अस्थायी शिविर तक साथ चलेंगे। ढालपुर में बिजली महादेव सात दिन तक देव परंपराओं का निर्वहन करेंगे। 27 अक्तूबर को होने वाले लंका दहन में भी देवता की अहम भूमिका रहेगी।
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देवता के कारदार विनेंद्र जंबाल ने बताया कि बिजली महादेव सोमवार दोपहर बाद दशहरा उत्सव के लिए रवाना हुए। शाम को धार्ठ पहुंचने के बाद देवता ने वहीं रात्रि विश्राम किया। मंगलवार शाम को देवता भगवान रघुनाथ के मंदिर पहुंचेंगे और इसके बाद दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।
बुधवार को खराहल घाटी के जुआणी महादेव, वीरनाथ बारी, काली ओडी अरछंडी, मां दशमी वारदा, ब्रिडू देवता और राउगी नाग सहित अन्य देवी-देवता अपने देवालयों से दशहरा के लिए रवाना होंगे। उसी दिन ये देवता ढालपुर में भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होंगे। देव महाकुंभ दशहरा में भाग लेने के लिए देवलुओं में खासा उत्साह है। संवाद
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मंगलवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद देवता की शोभायात्रा दोबारा शुरू होगी। बिजली महादेव अपने देवलुओं के साथ भगवान रघुनाथ की नगरी सुल्तानपुर पहुंचेंगे। यहां देव परंपरा के अनुसार पारंपरिक देव वाद्य यंत्रों की धुन के बीच भगवान रघुनाथ से भव्य देव मिलन होगा। इसके बाद देवता रघुनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे।
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बुधवार को पूजा-अर्चना के बाद बिजली महादेव भगवान रघुनाथ की पालकी और अठारह करडू की सौह के साथ ढालपुर पहुंचेंगे। रघुनाथ की रथयात्रा में देवता रथ के दाईं ओर प्रथम स्थान पर रहेंगे और अस्थायी शिविर तक साथ चलेंगे। ढालपुर में बिजली महादेव सात दिन तक देव परंपराओं का निर्वहन करेंगे। 27 अक्तूबर को होने वाले लंका दहन में भी देवता की अहम भूमिका रहेगी।
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देवता के कारदार विनेंद्र जंबाल ने बताया कि बिजली महादेव सोमवार दोपहर बाद दशहरा उत्सव के लिए रवाना हुए। शाम को धार्ठ पहुंचने के बाद देवता ने वहीं रात्रि विश्राम किया। मंगलवार शाम को देवता भगवान रघुनाथ के मंदिर पहुंचेंगे और इसके बाद दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।
बुधवार को खराहल घाटी के जुआणी महादेव, वीरनाथ बारी, काली ओडी अरछंडी, मां दशमी वारदा, ब्रिडू देवता और राउगी नाग सहित अन्य देवी-देवता अपने देवालयों से दशहरा के लिए रवाना होंगे। उसी दिन ये देवता ढालपुर में भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होंगे। देव महाकुंभ दशहरा में भाग लेने के लिए देवलुओं में खासा उत्साह है। संवाद